तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कंधई के ससुराल से वापस आ रहे थे। जब वह दियोरिया रोड पर पहुंचे तो वन विभाग के बैरियर पर मौजूद कर्मचारियों ने आगे जाने से मना किया और बाघिन के शावक संग दिखाई देने की बात बताई थी, मगर बाइक सवार आगे बढ़ गए थे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के दियोरिया रेंज के जंगल में पूरनपुर-दियोरिया मार्ग पर बाघ के हमले में रविवार रात साढ़े आठ बजे के करीब बाइक सवार कस्बा दियोरिया निवासी 27 वर्षीय कंधई और 22 वर्षीय सोनू की मौत हो गई, जबकि तीसरे साथी 23 वर्षीय विकास उर्फ दिक्षु ने पेड़ पर चढ़कर खुद को बचाया। पूरी रात वह पेड़ पर बैठा रहा।
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तीनों युवक कंधई के ससुराल शाहजहांपुर के जलालपुर से लौट रहे थे। सोमवार सुबह छह बजे ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा तो घटना का पता चला। सूचना पर ग्रामीण, वन विभाग और पुलिस अफसर वहां पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बताया जा रहा है कि तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जलालपुर कंधई के ससुराल गए थे। वहीं से वापस आ रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब वह दियोरिया रोड पर पहुंचे तो वन विभाग के बैरियर पर मौजूद कर्मचारियों ने आगे जाने से मना भी किया था। कर्मचारियों ने उन्हें बाघिन के शावक संग दिखाई देने की बात बताई थी, मगर बाइक सवार आगे बढ़ गए थे।
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फिर टूटा पुल के पास पहुँचते ही उनपर हमला हो गया। इसमें कंधई और सोनू की मौत हो गई, जबकि विकास ने पेड़ पर चढ़कर खुद को बचाया। रात भर विकास पेड़ पर बैठा रहा। पेड़ पर बाघ के पंजों के निशान होने से कयास लगाए जा रहे हैं कि बाघ ने भी पेड़ पर चढ़ने की कोशिश की थी। सोमवार सुबह छह बजे दियोरिया के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो शव देख लोगों को जमा किया।
बेहोश हालत में पेड़ पर मिले विकास को नीचे उतारा गया। बाद में वन विभाग और पुलिस के तमाम अफसर पहुंचे और जानकारी जुटाई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चूंकि क्षेत्र में बाघिन की चहलकदमी थी, इसलिए अभी अफसर यह छानबीन कर रहे हैं कि हमला बाघ ने किया या बाघिन ने।
सीओ पूरनपुर लल्लन सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे मौके पर गए थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और वन विभाग के अफसर पड़ताल कर रहे हैं।