पीलीभीत। बाइकें चोरी करने वाले दो भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने पांच और 10 वर्ष की सजा से दंडित किया है। दोनों भाई एंटी क्राइम ब्यूरो का फर्जी अधिकारी बनकर वारदात करते थे।
थाना सुनगढ़ी के दरोगा अमित कुमार को 10 मई 2015 को खबर मिली कि एक व्यक्ति चोरी की बाइक बेचने के लिए देवहा पुल के पास ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने उसे ईदगाह तिराहे पर पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम मीरगंज के मोहल्ला सूफीटोला निवासी शाहिद बताया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एंटी क्राइम ब्यूरो का परिचयपत्र मिला। पूछने पर बताया कि कार्ड उसने पुलिस से बचने के लिए बनवाया है। वह अपने भाई साबिर के साथ मिलकर बाइक चोरी करता है।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पास में ही अमरूद की बगिया में बनी झोंपड़ी से चार मोटर साइकिल बरामद कीं। इनमें से एक मोटर साइकिल साबिर दिल्ली से चुराकर लाया था। इसका उत्तराखंड में रजिस्ट्रेशन दिखाकर बेचने तैयारी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद शाहिद को 34100 रुपये के अर्थ दंड के साथ दस वर्ष और साबिर हुसैन को आठ हजार रुपये के अर्थ दंड के साथ पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विमल कुमार वर्मा ने की।