अपने घर से कुछ दूरी पर ही नाना के घर जाते समय सात वर्षीय बच्ची हैवानियत का शिकार हो गई। दरिंदे ने उसे घर के पास से ही दबोच लिया और उसके साथ दरिंदगी की। घर से निकलने और दरिंदगी के बाद लौटने में बच्ची को सिर्फ 20 मिनट का समय लगा। बच्ची की हालत देख घबराए घरवाले उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल लाए। बाद में उसे बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बालिका की हालत में सुधार बताया जा रहा है। डीआईजी कंट्रोल रूम से जानकारी मिलने पर पीड़िता के घर पहुंची पुलिस ने तहरीर लेकर देर रात अज्ञात के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर के ही एक मोहल्ले की रहने वाली यह बच्ची केजी की छात्रा है। मोहल्ले में ही रहने वाले बच्ची के मौसा ने बताया कि बच्ची सोमवार को अपनी मां और बड़ी बहन के साथ मोहल्ले में ही कुछ दूरी पर स्थित अपने नाना के घर आई थी। शाम करीब सवा छह बजे उसकी मां और बड़ी बहन अपने घर लौट गईं। बच्ची कुछ देर बाद आने की बात कहकर रुक गई। उसकी मां को घर पहुंचे बीस मिनट भी नहीं बीते कि उन्हें बच्ची बदहवास हालत में रोती हुई घर के पास मिली। उसकी हालत खराब थी। रक्तस्राव हो रहा था। इस पर घबराए घरवाले आनन-फानन में उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए। रक्तस्राव न रुकने पर डॉक्टर ने बरेली ले जाने की सलाह दी। घरवाले तुरंत उसे बरेली ले गए। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्होंने घटना की जानकारी डीआईजी को दी। रात करीब 11 बजे डीआईजी कंट्रोल रूम के घटना बताने पर शहर कोतवाली पुलिस के होश उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के चाचा की ओर से तहरीर लेकर देर रात रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। शहर कोतवाल बीके गौतम ने बताया कि बच्ची अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं है। बालिका का संतुलन ठीक होने पर आरोपी की पहचान का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल पुलिस आरोपी की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है।