गोमती तक 25 क्यूसेक पानी पहुंचने की मुहिम में किसान बने रोड़ा
गोमती उद्गम स्थल के जीर्णोद्धार को लेकर तत्कालीन सरकार के निर्देश पर सवा दो करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। जिसके तहत 25 क्यूसेक पानी माधोटांडा रजवाहा से उदगम स्थल तक पहुंचाना था। उद्गम स्थल के तीन तालाबों की खुदाई करने के साथ माधोटांडा रजबहा से एक माइनर को खुदाई कर उगद्म स्थल तक लाया गया। इधर करीब दो दिन पूर्व जब माइनर में पानी छोड़ा गया तो किसानों द्वारा अपने खेतों पर जाने के लिए जगह-जगह डाले गए पाइप अवरोध बन गए। इसके चलते 25 क्यूसेक पानी पूरी क्षमता से उद्गम स्थल तक नहीं पहुंच सका। शारदा सागर के अभियंता रामेश्वर दयाल ने बताया कि जहां-जहां सार्वजनिक चकरोड हैं, वहां विभाग ने अपने स्टीमेट के मुताबिक पुलिया बनवा दी हैं, लेकिन जहां किसानों ने अपने खेतों में जाने के लिए सिंगल पाइप डाल रखे हैं वह अवैध हैं। जल्द ही इन सभी को हटवाया जाएगा। ताकि पूरी क्षमता से पानी उद्गम स्थल तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पानी पहुंच गया था, लेकिन रोस्टर के मुताबिक हरदोई ब्रांच को बंद कर दिया गया। इसलिए जब नहर में पानी छोड़ा जाएगा तभी उद्गम स्थल के तालाबों को भरा जा सकेगा।
पर्यटन निदेशक ने उद्गम स्थल का किया निरीक्षण
बरेली मंडल की पर्यटन निदेशक ने शारदा सागर के अभियंताओं के साथ गोमती उद्गम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल रूप में विकसित करने के लिये लाइटें लगाने के साथ बैंच आदि भी बनवाई जाएगी। सौंदर्यीकरण के लिए जो कार्य संभव है वह कराए जाएंगे। उन्होंने शारदा सागर के अभियंताओं को शीघ्र इसका स्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश दिए।