गठबंधन भाजपा की लहर से बचने की अंतिम कोशिश: उमा
केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी को बाप-दादा से विरासत में मिली राजनीति पर ऐश करने वाले रईसजादे करार देते हुए उनके गठबंधन पर करारे प्रहार किए। साध्वी ने गठबंधन को डूबती नाव में जान बचाने के लिए दुश्मनों का भी हाथ थाम लेने जैसा बताते हुए कहा कि 90 के दशक में विरोधी विचारधारा के बावजूद मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने भी गठबंधन किया था लेकिन दोनों दमदार नेता थे। राहुल और अखिलेश नेता नहीं हैं। इनके गठबंधन की नाव का बीच मझधार में डूबना तय है। शहर सीट पर भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के समर्थन में रामा कॉलेज ग्राउंड में हुई सभा को संबोधित करते हुए भाजपा की स्टार प्रचारक ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यह कहकर आड़े हाथों लिया कि जो बेटा अपने बाप का नहीं हुआ, वह जनता का सगा कैसे होगा। नोटबंदी को देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई मिटाने के लिए असरदार दवा बताते हुए दावा किया कि जल्द इसका परिणाम दिखाई देगा। मायावती पर यह कहकर निशाना साधा कि उन्होंने अपने शासन में सिर्फ नोटों की मालाएं पहनी और अपने लिए बंगले बनवाए। इस चुनाव के बाद वह बौद्धधर्म की दीक्षा लेकर मेडिटेशन करेंगी। उमा भारती ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि गाय की जान, महिला की आन, तिरंगे की शान और गंगा के लिए वह हमेशा तैयार हैं। कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने भीड़ से हाथ उठवाकर संजय को वोट देने का वादा कराया। इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार, दीपक अग्रवाल, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कश्यप आदि मौजूद रहे।