मंगलवार की तड़के तेज आंधी और
बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बारिश हुई। इस दौरान बिजली गिरने से एसपी बंगले
पर लगे टेलीफोन उपकरण फुंक गए। वहीं बिजली के तार कई स्थानों पर टकरा गए,
जिससे शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। करीब चार घंटे बाद
फाल्टों को दूर कर बिजली की आपूर्ति शुरू की जा सकी। वहीं मंडी समिति में
भी फोन और बिजली लाइनें ठप हो गई। वहीं बिलसंडा के गांव करेली में पंडाल
गिर गया। इससे पंडाल में लगे पाइपों में करंट दौड़ गया जिसकी चपेट में आकर
तीन गाय और तीन भैंसें झुलस कर मर गईं।
मंगलवार की शाम से ही मौसम का
मिजाज बदला हुआ था। आसमान में छाए घनघोर काले बादल रात करीब दो बजे से
उमड़ने-घुमड़ने लगे। थोड़ी ही देर में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ तेज आंधी
और बारिश शुरू हो गई। रात करीब तीन बजे बिजली गिरने से एसपी आवास पर लगे
वायरलेस के एंटीने से दूरभाष लाइनें टकरा गईं।
इससे एसपी बंगले पर लगे
टेलीफोनों की घंटी खुद बजने लगी। एक साथ सभी टेलीफोन सेटों की घंटी बजने से
आवास पर हड़कंप मच गया। एसपी जेके शाही घबराकर आवास से बाहर निकल आए। कुछ
समय में आवास पर लगा दूरभाष का सारा सिस्टम फुंक गया। हालांकि वायरलैस सेट
में कोई खराबी नहीं आई।
इसके अलावा आंधी से कई दुकानों के सामने पड़ी
टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गई। चावला चौराहा, गैस चौराहा बिजली घर के पास सहित
कई स्थानों पर तारों के टकराने से चिंगारियां फूट पड़ी। जिससे शहर की बिजली
आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारी करीब चार घंटे बाद
फाल्टों को दूर कर बिजली सप्लाई शुरू कर सके। उधर मंडी में भी बिजली और
फोन लाइनें ठप हो गई हैं।
बीसलपुर। आंधी आने से छतों पर सो रहे लोगों
की मच्छरदानियां और चादरें उड़ गई। आंधी से आम की काफी फसल झड़ गई। आंधी से
खेतों मेें कटी पड़ी गेहूं की कुछ फसल और पड़ा भूसा भी उड़ गया। बारिश से
गन्ने की फसल को काफी लाभ पहुंचा है।
किसे फायदा हुआ
बारिश से आम, गन्ना, मेंथा और चैनी धान को जहां फायदा हुआ। वहीं गेहूं की फसल की मड़ाई लेट हो गई।
गर्मी से मिली राहत
बिलसंडा।
पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से मंगलवार की सुबह आंधी के साथ हल्की
बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। सुबह करीब साढ़े 4 बजे आंधी के तुरंत बाद
बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से गन्ने की फसल, शिवाली और
साठा धान को फायदा हुआ। उधर, हल्की सी बारिश ने नगर पंचायत की सफाई
व्यवस्था की पोल खोल दी। नालियों का कीचड़ युक्त पानी सड़कों पर आ गया।
जिससे लोगों को आवागमन में खासी परेशानी उठानी पड़ी।
गिरे पंडाल में करंट उतरने से छह पशु मरे
बिलसंडा।
गांव करेली निवासी रामबहादुर लाल की सोमवार को बेटी की बारात आई थी।
बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था मकान के बाहर पंडाल लगवाकर की गई थी।
सुबह करीब साढ़े चार बजे जब आंधी आई उस समय जनरेटर चल रहा था। गनीमत यह थी
कि पंडाल खाली था।
तेज आंधी के झोंकों से पंडाल गिर गया। पंडाल में लगी
केबिल से पाइपों में करंट आ गया। इससे पड़ोस में बंधे पशु पाइप की चपेट में
आकर झुलस गए। इससे रामबहादुर की तीन गाय और तीन भैंस की मौत हो गई। पशुओं
की चीखपुकार पर लोग जब घर से बाहर निकले तो उनमें हड़कंप मच गया। लोगों ने
आनन-फानन में जनरेटर बंद किया।
दो कार्यालय परिसर में हुआ जलभराव
बीसलपुर।
श्रम प्रवर्तन कार्यालय और बांट माप कार्यालय बिल्कुल तलहटी में स्थित
हैं, जिसके कारण थोड़ी सी बारिश होते ही इन दोनों कार्यालयों के परिसरों
में जलभराव हो जाता है। सोमवार को बारिश होते ही इन दोनों कार्यालयों के
परिसरों में पानी भर गया। जिसके कारण कार्यालय स्टाफ और आने-जाने लोगों को
काफी दिक्कत हुई।