पीलीभीत। टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में हुए अवैध कटान मामले में जांच पूरी हो गई है। जांच में 38 बेशकीमती पेड़ों के कटान की पुष्टि हुई है। इतना ही नहीं, कटान के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए पेड़ों के ठूंठों को मिट्टी से दबाकर छिपाने का प्रयास भी किया गया था। एसडीओ ने जांच रिपोर्ट डीएफओ को सौंप दी है। मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तय मानी जा रही है।
बराही रेंज में एक मई को बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान की सूचना सामने आई थी। मामला प्रकाश में आने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी एसडीओ रमेश चौहान को सौंपी गई थी।
जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर गहनता से पड़ताल की। जांच में सामने आया कि रेंज क्षेत्र में 38 पेड़ों को काटा गया था। कटान के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से पेड़ों के ठूंठों को मिट्टी से ढक दिया था, ताकि अवैध कटान के साक्ष्य छिपाए जा सकें। हालांकि जांच के दौरान अधिकारी ने एक-एक कर सभी ठूंठों को तलाश लिया और पूरे मामले का दस्तावेजीकरण किया। जांच पूरी होने के बाद एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट पीटीआर मुख्यालय में जमा कर दी है।
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कई गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। इसके आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। संवाद