शहर के नौगवां चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
पीलीभीत। रोडवेज डिपो पर पर्याप्त मात्रा में बसें होने के बाद भी इनका संचालन नहीं किया गया। इससे शहर के प्रमुख चौराहों पर यात्री बसों का घंटों इंतजार करते रहे। ऐसे में डग्गामार वाहन चालकों की चांदी रही। जिले में तीन दिनों से परिवहन की सेवाएं प्रभावित हैं। परिवहन निगम और न प्रशासनिक अफसर इसको लेकर गंभीर दिख रहे है। यात्री परेशानी झेलने को मजबूर है।
स्थानीय डिपो से करीब 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक 50 बसों का संचालन दिल्ली मार्ग पर किया जा रहा है। इसके अलावा कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ, जयपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर और स्थानीय मार्गाे पर संचालित हो रहे हैं। 28 अप्रैल को हरदोई में आयोजित कार्यक्रम में यहां से करीब 75 बसों को भेजा गया। यह सभी बसें 29 अप्रैल की देर रात तक वापस पहुंच गई। इसके बाद भी इन बसों को डिपो पर जगह कम होने के चलते रोडवेज डिपो के सामने और एकता सरोवर मार्ग पर खड़ा कर दिया। इसके बाद भी इन बसों का संचालन नहीं किया गया। शुक्रवार को दोपहर करीब 2.29 बजे नौगवां चौराहे पर काफी यात्री रोडवेज बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले करीब एक घंटे से यहां पर कोई भी बस नहीं पहुंची है। बस न मिलने पर कुछ बरेली के डग्गामार वाहनों में बैठकर रवाना हो गए।
शहर के नौगवां चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
शहर के नौगवां चौराहे पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद