दियोरिया । हरियाणा के सोनीपत के केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में दियोरिया क्षेत्र के पांच लोगों की मौत ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
बुधवार शाम बाजरा काटने के लिए हरियाणा के झज्जर जा रहे मजदूरों की ईको बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे गोपालपुर के पास ट्रक से टकरा गई। हादसे में चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हैं। चालक को छोड़कर मृतक चार लोग एक ही गांव बड़ेपुर और एक ही गली के रहने वाले थे। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही कई घरों में मातम पसर गया। अब परिजन अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
ईको में चालक समेत 12 लोग सवार थे। हादसे में गांव सुजनी निवासी चालक मोहम्मद आरिफ (30), बड़ेपुरा ताल्लुके कुसमा निवासी सुशील कुमार शर्मा (20), अग्रपाल वर्मा (26), नेवा राम वर्मा (50) और रामनरेश मौर्य (40) की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन हरियाणा के लिए रवाना हो गए। संवाद
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पुत्र की मौत, जिंदगी से जंग लड़ रहे पिता खुशीराम
बरखेड़ा। हरियाणा में हुए हादसे ने सुशील की मौत हो गई, जबकि उसके पिता खुशीराम गंभीर रूप से घायल हैं। उनका रोहतक के पीजीआई में उपचार चल रहा है। मृतक सुशील की बहन की शादी महज तीन महीने पहले हुई थी। शादी के बाद यह उसका पहला रक्षाबंधन था, लेकिन त्योहार के कुछ ही समय बाद बहन ने अपना भाई खो दिया। परिवार के मुताबिक सुशील के घर में इस वर्ष उसकी शादी की भी चर्चा चल रही थी, लेकिन यह सपना पूरा होने से पहले ही हादसे ने सबकुछ बदल दिया। हादसे के बाद सुशील के परिवार में आजीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है। सुशील का छोटा भाई पवन अभी महज 12 वर्ष का है। ऐसे में परिवार के भविष्य को लेकर परिजन चिंतित हैं।
छह साल पूर्व हुई शादी, दो छोटे बच्चों को छोड़ गए अग्रपाल
अग्रपाल वर्मा (26) की करीब छह साल पहले कमलेश देवी से शादी हुई थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं। बेटा गोलू करीब तीन साल का है और बड़ी बेटी वर्तिका देवी चार वर्ष की है। पति की मौत की खबर से कमलेश देवी बदहवास हैं। मां विमला देवी भी बेटे की मौत से टूट गई हैं। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
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नेवा राम ने नहीं बसाया था घर, भाई के साथ रहते थे
नेवा राम वर्मा (50) की शादी नहीं हुई थी। भाई वीरेंद्र के मुताबिक, वह अपने भाई नेतराम के साथ रहते थे। मजदूरी के लिए वह अक्सर हरियाणा जाते रहते थे। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए बार-बार हरियाणा जाने वाले नेवा राम इस बार घर वापस नहीं लौट सके।
सात भाइयों में सबसे बड़े थे रामनरेश
रामनरेश मौर्य (40) सात भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी तीन बहनें हैं और सभी की शादी हो चुकी है। रामनरेश की शादी नहीं हुई थी। मां चमेली देवी समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण उनकी अपनी अलग जिम्मेदारियां थीं, लेकिन हादसे ने परिवार से एक अहम सदस्य छीन लिया।
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सभी घायलों के परिजन चिंतित
हादसे में सात लोग घायल हुए हैं। इनमें बड़ेपुरा ताल्लुके कुसमा निवासी खुशीराम शर्मा, विवेक, संजीव, पातीराम, हरीशंकर , महेंद्र पाल और प्रमोद कुमार शामिल हैं। घायलों के परिजन भी उनकी कुशलता को लेकर चिंतित हैं।
डीएम-एसपी गांव पहुंचे, परिजनों से ली जानकारी
हादसे की जानकारी के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी सुकीर्ति माधव गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद घायलों के बेहतर उपचार का आश्वासन भी दिया। प्रशासन की मौजूदगी में भी गांव का माहौल बेहद गमगीन रहा। अधिकारी करीब एक घंटा तक गांव में रुके। एसडीएम और सीओ को गांव में ही रहने के निर्देश दिए गए।
रोजी-रोटी की तलाश में निकले थे, हादसे ने छीन लीं उम्मीदें
पीलीभीत। घर से निकलते समय किसी ने नहीं सोचा था कि कमाई के लिए शुरू हुआ सफर पांच परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन जाएगा। रोजी-रोटी की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर हरियाणा निकले दियोरिया क्षेत्र के पांच लोगों की हादसे में मौत हो गई। इनमें चार लोग बड़ेपुरा गांव की एक ही गली के रहने वाले थे, जबकि पांचवां मृतक भी क्षेत्र के सुजनी गांव का ही निवासी मो. आरिफ था। हादसे की खबर बृहस्पतिवार सुबह गांव पहुंची तो चीख-पुकार मच गई। आसपास के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
परिजनों के मुताबिक, सभी पहले भी मजदूरी के लिए हरियाणा जाते रहे थे। इस बार भी बुधवार शाम बाजरा कटाई के काम के लिए सभी रवाना हुए थे। परिवारों को उम्मीद थी कि मेहनत-मजदूरी कर कुछ दिनों बाद सभी सकुशल घर लौट आएंगे और उनकी कमाई से घर की जरूरतें पूरी होंगी, मगर बृहस्पतिवार की सुबह आई हादसे की खबर ने पांच परिवारों की सारी उम्मीदें एक झटके में तोड़ दीं।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के तमाम लोग गेहूं, धान और बाजरा कटाई के सीजन में काम की तलाश में हरियाणा जाते हैं। मृतक भी पहले कई बार वहां मजदूरी कर चुके थे। काम का मौसम आने पर इस बार भी परिवार की जरूरतें पूरी करने और कुछ कमाई करने की आस में सभी साथ निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि रोजी रोटी की तलाश में यह सफर परिवारों को गहरा दर्द देगा।
सौ-सौ मीटर के दायरे में चार घर, एक साथ पसरा मातम
बड़ेपुरा गांव में चार मृतकों के घर एक ही गली में करीब सौ-सौ मीटर की दूरी पर हैं। हादसे के बाद सुबह से ही गली में लोगों की आवाजाही लगी रही, लेकिन रोज की चहल-पहल की जगह हर तरफ खामोशी नजर आई। लोग पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाते रहे।
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शुक्रवार को गांव पहुंचेंगे शव
परिजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को हरियाणा के खरखौदा पुलिस ने शवों को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। देर रात तक पोस्टमाॅर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद परिजन शवों को लेकर गांव के लिए रवाना हो गए। उनके शुक्रवार सुबह तक बड़ेपुरा पहुंचने की बात कही जा रही है।
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पांचों मृतकों का रामनगर में एक साथ होगा अंतिम संस्कार
पीलीभीत। हरियाणा में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दियोरिया क्षेत्र के पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा। गांव में जगह कम होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर रामनगर का स्थान तय किया गया है।
जिलाधिकारी की मौजूदगी में अधिकारियों और परिजनों की सहमति से अंतिम संस्कार रामनगर में कराने का निर्णय लिया गया। इसकी जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी बीसलपुर को सौंपी गई है। प्रशासन ने अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो
रामनरेश का फाइल फोटो