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भारी वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की मेहरबानी..शहर जाम से हांफ रहा

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पीलीभीत। दुकानदारों का माल लाने वाले भारी वाहनों ने आधी सड़क तक बेतरतीब ढंग से ट्रक, डीसीएम को खड़ा करना तो जैसे अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझ रखा है। भले ही उससे राहगीरों को परेशानी उठानी पड़े, दुकानदारों और ट्रक चालकों को मतलब नहीं। शहर के जेपी रोड को ही ले लीजिए। बाजार में भारी वाहनों की दिन में नो एंट्री है, मगर ट्रैफिक पुलिस की मेहरबानी से भारी व छोटे वाहन लेकर हर वक्त मन चाही जगह तक जा सकते हैं।
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इतना ही नहीं जेपी रोड के दोनों ओर दुकानदारों ने अपनी दुकान से पांच मीटर दूरी पर सड़क तक अपना सामान सजा रखा है। इनकी दुकानों पर रोजाना आने वाले ग्राहक भी अपने वाहन सड़क के बीचोबीच खड़े करते हैं। न तो इन्हें कोई रोकने वाला है, न ही टोकने वाला। नो एंट्री होने के बाद भी बड़े वाहन आसानी से प्रवेश कर जाते है। फिर यह वाहन पूरे दिन से लेकर रात में भी जाम लगाते हैं। यातायात पुलिस कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं करती। उसका खामियाजा आम नागरिकों को जाम की समस्या से जूझकर भुगतना पड़ता है। दोपहिया एवं पैदल यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। जब जाम लगता है तो यातायात पुलिस मूकदर्शक की भूमिका में आ जाती है। ट्रैफिक पुलिस के जवान चौराहे पर तो सफेद वर्दी में खड़े नजर आते हैं, मगर जब जाम खुलवाने का वक्त हो उनका पता नहीं चलता।
अमर उजाला की टीम ने जेपी रोड से लोहा मंडी वाली सड़क का सोमवार को जायजा लिया तो हालात बद से बदतर मिले। प्रस्तुत है जेपी रोड पर अतिक्रमण की लाइव रिपोर्ट-
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सीन नंबर - एक
बर्तन बाजार - दोपहर 12 बजे
बरेली दरवाजे से ड्रमंडगंज चौराहा तक सड़क के दोनों ओर दुकानदारों ने बर्तन और पॉलिथीन की दुकानें सजा रखी थी। उधर से गुजरने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहनों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। ई-रिक्शा चालकों ने भी इस रोड पर अपना स्टैंड बना रखा था। इसके चलते आए दिन दोपहर में जाम लगता है।
सीन नंबर- दो
लोहा मंडी - दोपहर 1 बजे
यहां लोहे के अलावा किराना, मिर्च, सब्जी मंडी की दुकानें हैं। सड़क तक पहले ही दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। नो एंट्री होने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस कामर्शियल वाहनों को प्रवेश करा देती है। सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक कई बार जाम लगा। जाम लगने पर जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर देखते रहे।
सीन नंबर- तीन
बैंक ऑफ बड़ौदा वाली रोड - दोपहर 1.15 बजे
सड़क पर सुबह से ही जाम था। दुकानदारों ने आधी सड़क तक दुकानें लगा रखी थीं। बाकी बची सड़क पर दुकानों पर खरीदारी को आने वाले ग्राहकों की बाइकें खड़ी थीं। कार गुजरी तो एक घंटे तक जाम की स्थिति बन गई। ट्रैफिक पुलिस जाम को मूकदर्शक बनकर देखती रही।
क्या कहते है शहरवासी:
प्रशासन को मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात मिल सके। खानापूरी से काम नहीं चलेगा। श्रवण कुमार, नकटादाना चौराहा
शहर की सड़कों पर अब पैदल चलना दूभर हो गया है। ऐसी कोई भी सड़क नहीं बची है, जहां अतिक्रमण और जाम की समस्या न हो। प्रशासन को इस पर ध्यान देेना चाहिए। अनवर अहमद, चौक बाजार
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नगरपालिका को जागरूक होना पड़ेगा। अतिक्रमण हटाने का अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद हालात फिर वैसे हो जाते हैं। प्रदीप कश्यप,मोहल्ला खकरा
अतिक्रमण की वजह से सड़कों पर पैदल निकलना मुश्किल है। ई-रिक्शा और दुकानदारों के अतिक्रमण पर कंट्रोल किया जाए। तभी इस समस्या से निजात मिलेगी। अमित सक्सेना, मोहल्ला खकरा,
बोले जिम्मेदार:
नो एंट्री के समय किसी भी बड़े वाहन को अंदर नहीं आने दिया जाता है। दुकानदारों के अतिक्रमण पर नगरपालिका को एक्शन लेना होगा। भ्रमणशील रहते हुए जाम नहीं लगने दी जाएगी। - सुनील कुमार सिंह, टीआई
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान जल्द ही शुरू कराने वाले हैं। पहले एक बार एनाउंस कराकर लोगों से अपील की जाएगी। अगर वह नहीं मानते हैं, तो अतिक्रमण हटाने के साथ जुर्माना भी वसूलेंगे। - निशा मिश्रा, ईओ नगरपालिका
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