उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक में पूर्व में चलाए गए अतिक्रमण अभियान को प्रशासनिक मनमानी करार दिया गया। तय हुआ कि ऐसी दमनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा।
शहर के एक बैंक्वेट हॉल में रविवार को हुई बैठक में अन्य मुद्दों के साथ अतिक्रमण मुद्दे पर चर्चा की गई। सभी व्यापारियों ने एक स्वर में एकजुटता की बात कहते हुए इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना की। जिलाध्यक्ष मोहम्मद अफरोज जिलानी ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर जो कुछ पिछले दिनों में हुआ, वह व्यापारी वर्ग के साथ अन्याय था। कहा कि ऐसी सरकारी दमनकारी नीतियों के खिलाफ व्यापारी वर्ग को एकजुट होना पड़ेगा और प्रशासन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
इस दौरान आम व्यापारियों की समस्याओं के साथ उनकी राय भी मांगी गई। तय हुआ कि आने वाले समय में संगठन से जुड़ी विभिन्न इकाइयों का पुनर्गठन किया जाएगा और जुझारू व कर्मठ व्यापारियों को इससे जोड़ा जाएगा। बैठक में जिला महामंत्री पंकज अग्रवाल, प्रांतीय मंत्री राजेश अग्रवाल, अमनदीप सिंह जौली, शैली अग्रवाल, राकेश महोदय, रामकुमार कश्यप, अजय सूरी, मोहम्मद अजीम, वजाहत शकील, सौरभ सक्सेना, महमूद अनवर अंसारी, जफर हुसैन इराकी, देवेश मित्तल, अर्जुन टहलानी ने भी विचार रखे।
इस मौके पर मिखिल जगोता, मनोज, मोहम्मद फिरोज खां, ललित अगनानी, जिया उल इस्लाम, अमनदीप खालसा, ज्वाय मैनी, संजीव थम्मन, मुकेश राजानी, सलीम, कमालुद्दीन शम्सी, राशिद शम्सी, दीपक डाबर, मोहम्मद नदीम समेत तमाम व्यापारी मौजूद रहे।