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बिना ट्रैक्टर और पैसा मिले  बल्देव लाखों के कर्जदार

Tue, 24 May 2016 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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जिले के बिलसंडा थाना क्षेत्र के किसान मनमोहन सिंह को बैंक अभिलेख में विजय माल्या का गारंटर बनाए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि जिले की एक और बैंक की कथित करतूत के चलते एक और सिख किसान का परिवार परेशान हो गया है। बैंक उसे ट्रैक्टर के लिए वर्ष 1999 में 2.40 लाख रुपये का कर्जदार बता रही है, जबकि उसे न कोई ट्रैक्टर मिला, न ही पैसा। बेवजह 14 दिन हवालात की भी हवा खाई, एजेंसी स्वामी और उसके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखाने के बाद भी बेगुनाह बल्देव का बैंक से पीछा नहीं छूटा है। मय ब्याज 18 लाख तक पहुंच चुकी इस रकम की अदायगी के लिए तहसील प्रशासन 27 मई को भूमि नीलाम करने का नोटिस जारी कर चुका है। भ्रमण पर आईं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से पीड़ित परिवार के मिलने पर यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 
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थाना माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम बीरखेड़ा निवासी साढ़े आठ एकड़ भूमि के स्वामी बल्देव सिंह पुत्र वस्सन सिंह ने बताया कि उसने वर्ष 1999 में सोनालिका ट्रैक्टर लेने के लिए स्टेट बैंक की माधोटांडा शाखा से 2.40 लाख रुपये लोन प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि ट्रैक्टर एजेंसी स्वामी हरस्वरूप वर्मा और जितेंद्र वर्मा ने बैंक कर्मियों से साठगांठ कर ड्राफ्ट ले लिया, लेकिन उसे ट्रैक्टर नहीं दिया। बैंक को जानकारी दी तो तत्कालीन अधिकारियों ने यह कह कर उसे शांत कर दिया कि वह दिया गया धन एजेंसी स्वामी से वापस ले लेंगे। अचानक 2002 में राजस्व टीम बल्देव को बैंक द्वारा जारी आरसी की एवज में उठा ले गई और उसे 14 दिन के लिए हवालात में डाल दिया। तब उसे अपने साथ हुई ठगी की जानकारी हुई। छूटने के बाद उसने थाने में एजेंसी स्वामी और उसके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने मामला सही पाए जाने पर एजेंसी स्वामी और उसके भाई के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। उनके कोर्ट में हाजिर न होने पर कुर्की वारंट भी जारी हुआ। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने का हवाला देकर बल्देव कई साल तक आरसी स्थगित कराता रहा, लेकिन बैंक उस पर दिखाए गए ऋण पर ब्याज पर ब्याज लगाता गया। अब यह रकम 18 लाख तक पहुंच गई है। तहसील प्रशासन ने उसकी जमीन नीलामी के 27 मई तक की मोहलत दी है।


पीड़ित परिवार मुझसे मिला है। पूरी तरह यह साबित हो गया है कि बल्देव को न तो ट्रैक्टर ही मिला न ही पैसा। ऐसे में बैंक से रिकवरी के लिए आरसी जारी होना गलत है। बैंक के अधिकारियों को इस मामले में गहराई से जांच कर पीड़ित बल्देव को न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। 
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- मेनका संजय गांधी, केंद्रीय मंत्री
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