नोटबंदी का असर अब कुछ कम होता दिख रहा है। शहर में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कैश की किल्लत बनी हुई है। उम्मीद है जल्द ही वहां भी स्थिति सामान्य हो जाएगी। यह तभी होगा जब सभी एटीएम चलने लगेंगे। नोटबंदी के बाद से बैंक और एटीएम पर लगी लाइनें अब कम होने लगी हैं लेकिन पूरी तरह हालात सामान्य नहीं हुए हैं। 24 हजार रुपये प्रति सप्ताह भुगतान की सीमा के चलते लोग मनचाही धनराशि नहीं निकाल पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहर के हालात तेजी से सुधर रहे हैं। इसमें ई-बैंकिंग का प्रचलन काफी मददगार साबित हो रहा है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में कम धनराशि पहुुंचने और ई-बैकिंग के प्रति लोगों का रुझान कम होने और सुविधाएं न होने के कारण कैश की कमी बनी हुई है।
सभी एटीएम शुरू होने पर ही सुधरेेंगे हालात
शहर की बैंक शाखाओं में भले ही धनराशि मिल रही है लेकिन अभी भी एटीएम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। कई बैंक एटीएम अब तक बंद पड़े हैं। उम्मीद की जा रही है नोटबंदी की निर्धारित सीमा समाप्त होने के कुछ दिन बाद ही एटीएम की व्यवस्था में सुधार होगा।
बीसलपुर। कैश न होने के कारण जिला सहकारी बैंक चीनी मिल शाखा में मंगलवार को ग्राहकों को पैसा नहीं मिल पाया, जिससे वह मायूस हुए। बैंक आफ बड़ौदा में नोट बंदी के बाद मंगलवार को पहले दिन ग्राहकों को 24 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इससे ग्राहकों में खुशी देखी गई।