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Pilibhit News: सितम ढाती रही पुलिस पर हार न मानी

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हरजिंदर सिंह कहलो।
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कहलो बोले, पुलिस चाहती थी न करुं पैरवी, हत्या का मुकदमा तक लिखवाया
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पीलीभीत के अलावा पंजाब में भी उनके खिलाफ दर्ज कराए गए हैं कई मुकदमे
पीलीभीत। आतंकी बताकर दस सिखों को मार डालने के मामले में मुख्य पैरोकार हरजिंदर सिंह कहलो ने बताया कि जिन दस सिखों की पुलिस ने हत्या की थी, उनमें शामिल नरेंद्र उनके चाचा के सगे साढ़ू थे। उन्होंने पैरवी करनी शुरू की तो पुलिस ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। लेकिन आज तक उन्होंने हार न मानी, न मानेंगे।
उन्होंने बतया कि उन्हें पकड़ने के लिए घर में दबिश दी गई। वह दिल्ली भाग गए। कई साल तक दिल्ली में रहे। 2010 में सुनगढ़ी थाने में उनके ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मुकदमा दर्ज होते ही पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया, जबकि मामला आत्महत्या का था। गिरफ्तारी के लिए एटीएस लगा दी गई। बाद में मृतक के परिजनों ने खुद गवाही दी कि युवक ने आत्महत्या की है। तब मुकदमा खत्म हुआ। 2017 में अमृतसर में उनके खिलाफ चार बैंक डकैती, चार अपहरण, एके-47 बेचने, गैंगस्टर एक्ट समेत 14 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सितंबर 2017 में लखनऊ से पीलीभीत आते समय सीतापुर से उन्हें पकड़कर ले गए। अमृतसर जेल में वह छह महीने बंद रहे। हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली।
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बकौल कहलो, सुनवाई के दौरान पंजाब पुलिस अपहरण, डकैती, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर आदि धाराओं को साबित नहीं कर सकी। मुकदमा अब महज दो मामूली धाराओं में कोर्ट में विचाराधीन है। हरजिंदर सिंह कहलो ने बताया कि 1991 से लेकर 2018 तक पुलिस उन्हें परेशान करती रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, न अब मानेंगे।
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जमीनों की विरासत खत्म कर दी
हरजिंदर सिंह कहलो ने बताया कि उनके पिता मक्खन सिंह की मृत्यु के बाद जमीन उनकी मां सुरजीत कौर के नाम आ गई, लेकिन प्रशासन ने विरासत खत्म कर दी। जमीन को मां के नाम नहीं किया। इसको लेकर आज भी कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।
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