उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम से कोटेदारों को आवंटित होने वाले राशन की तौल सरकारी धर्मकांटे की बजाए अवैध रूप से प्राइवेट धर्मकांटे पर हो रही है।
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम का डिपो मंडी परिसर में है। मंडी परिसर में सरकारी धर्मकांटा भी है। नियमानुसार डिपो से कोटेदारों को प्रत्येक माह आवंटित होने वाले राशन की तौल सरकारी धर्मकांटे से होनी चाहिए। सरकारी धर्मकांटे से राशन की तौल होने पर धर्मकांटे को आमदनी भी होगी और तौल में पारदर्शिता भी रहेगी, लेकिन घटतौली के चलते लंबे समय से राशन की तौल सरकारी धर्मकांटे की बजाए प्राइवेट धर्मकांटे पर अवैध रूप से हो रही है। सरकारी धर्मकांटे पर तौल न होने से मंडी प्रशासन को लाखों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि निवर्तमान मंडी सचिव मलखान सिंह के कार्यकाल तक राशन की तौल सरकारी धर्मकांटे पर ही होती रही। उनका तबादला होते ही नए सचिव सुशील कुमार ने इस पर रोक लगा दी। उसके बाद राशन की तौल प्राइवेट धर्मकांटे पर अवैध रूप से होने लगी। डिपो प्रभारी दिवाकर शर्मा ने बताया कि सरकारी धर्मकांटे पर राशन की तौल कराने के संबंध में मौजूदा मंडी सचिव, एसडीएम और निगम के जिला प्रबंधक को कई पत्र भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। प्राइवेट धर्मकांटे पर राशन की तौल होने के कारण प्रत्येक माह हजारों का घाटा हो जाता है, जो उन्हें अपने वेतन से भरना पड़ता है। मंडी सचिव सुशील कुमार ने बताया कि सरकारी धर्मकांटे पर केवल मंडी में आने वाले किसान ही अपना अनाज तुलवा सकते हैं।