उन्होंने शौचालय दिलवाने के नाम पर प्रधान पर अवैध वसूली करने और शौचालय निर्माण नहीं कराने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि करीब एक साल पहले शौचालय के नाम पर दो-दो हजार रुपये की वसूली की गई। इसके बाद अब शौचालय बनाने से मना किया जा रहा है।
महिलाओं ने तहसील दिवस में फरियाद कर मामले की जांच कराने और शौचालय बनवाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मिराजबानो, बिलकीस, निरमा देवी, लीलावती, गीता, रामवती, नाजमा, सावित्री, अनीसा, लीलावती, चंदा बेगम, खैरुलनिशा, जरीना, सीमा देवी, मनोरमा, जगरानी, रामश्री, प्रेमवती आदि रहीं।
शुल्क वसूली के आरोप निराधार हैं। धनराशि न होने से शौचालय नहीं बन पा रहे हैं। धनराशि मिलते ही शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
मेंहदी हसन, प्रधान, हबीबगंज गौटिया
10 हजार में बनता है एक शौचालय
एक शौचालय बनवाने मेें 10 हजार रुपये खर्चा आता है। इसमें से लाभार्थी को 958 रुपये देने होते हैं जबकि साढ़े चार हजार रुपये ग्राम निधि से और 46 सौ रुपये मनरेगा मद से खर्च किए जाते हैं।