उपाधि महाविद्यालय के गेट के बाहर खोखा में बिक्री किए जा रहे तंबाकू उत्पाद। संवाद
- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
पीलीभीत। बच्चों और युवाओं को बेहतर शैक्षिक माहौल देने के लिए सरकार ने स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा रखी है, लेकिन शहर में यह नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। हालत यह है कि कई शिक्षण संस्थानों के गेट और बाउंड्रीवाल से सटी दुकानों और खोखों पर खुलेआम गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
शहर में सात से अधिक इंटर कॉलेज, दो डिग्री कॉलेज और करीब दस परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से अधिकांश के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री बेरोकटोक जारी है। खासकर डिग्री कॉलेज रोड का इलाका इस मामले में सबसे अधिक चर्चा में है। यहां एक ही मार्ग पर कई शिक्षण संस्थान स्थित हैं और उनके बाहर लगी छोटी-बड़ी दुकानों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है। वहीं खास बात यह है कि सुबह स्कूल खुलने से लेकर छुट्टी तक इन दुकानों पर युवाओं की आवाजाही बनी रहती है। कई दुकानदार बिना किसी रोकटोक के गुटखा और तंबाकू उत्पाद बेच रहे हैं। लोगों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और नशे की आदत बढ़ने का खतरा बना रहता है।
डीआईओएस राजीव कुमार ने बताया कि शिक्षण संस्थानों के बाहर तंबाकू बिक्री पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पत्र जारी कर पहले चेतावनी दी जाएगी। न हटाने पर आगे की प्रभावी कार्रवाई पर अमल किया जाएगा। संवाद
आदेशों पर अमल कराने पर उदासीन बने जिम्मेदार
सरकार की ओर से समय-समय पर स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री रोकने के निर्देश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कई स्थानों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही नियमित जांच अभियान दिखाई देते हैं। कई अभिभावक पूर्व में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी करते रहे हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
उपाधि महाविद्यालय के गेट के बाहर खोखा में बिक्री किए जा रहे तंबाकू उत्पाद। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
उपाधि महाविद्यालय के गेट के बाहर खोखा में बिक्री किए जा रहे तंबाकू उत्पाद। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।