फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानवता की सेवा करना  ही सबसे बड़ा धर्म

विज्ञापन
प्रवचन। - फोटो : pilibhit, beureu
विज्ञापन
गुरुद्वारा गुुरु कलगीधर सिंह सभा में दो दिवसीय गुरमत समागम का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इस मौके पर सजे दीवान मेें संगत ने माथा टेका। पंजाब से आए बाबा लखवीर सिंह ने गुरु महिमा का बखान किया। 
विज्ञापन

कस्बे के क्रीड़ा मैदान में स्थित गुरुद्वारा गुरु कलगीधर सिंह सभा में बुधवार को शुरू हुए रुहानी गुरुमत समागम के अंतिम दिन चंडीगढ़ (पंजाब) से आए संत बाबा लखवीर सिंह ने गुरुवाणी का बखान कर सिक्ख संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि अमृतपान कर गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़कर गुरु के बताए मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। धर्म अनेक है पर मार्ग एक ही है भगवान भी एक ही है। कहा कि संगत को अपना गुरु बनाना  ही चाहिए, जिससे सत्य मार्ग पर चलन कर ही मानव जीवन से पार पाया जा सकता। सतसंग में सुबह से ही चाय बूंदी लगातार सेवा जारी रही समापन में गुरुद्वारा गुरु कलगीधर सिंह सभा गुरु के लंगर की अटूट् सेवा देर शाम तक चलती रही। सतसंग में कसबे के अलावा खटीमा, नानकमता, अमरिया, पीलीभीत, पूरनपुर, की भारी संख्या में संगम पहुंचकर दीवान पर माथा टेका।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें