पूर्व मंत्री और चीनी मिल के चीफ प्रमोटर डॉ. विनोद तिवारी ने कहा कि चीनी
मिल के बैगास में हर साल लग रही है। आग लगना मिल को डंप करने की साजिश हो
सकती है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। तीन सालों से हो रही आग की घटनाओं
की जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के साथ उससे हुए नुकसान की
रिकवरी होनी चाहिए, ताकि घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
डॉ. तिवारी
ने कहा कि दि किसान सहकारी चीनी मिल क्षेत्र में एक मात्र ऐसा उद्योग है
जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों को रोजगार मिला हुआ है। हजारों किसान अपना
गन्ना सप्लाई करते हैं। उन्होंने कहा कि चीनी मिल मेें पेराई सत्र के
शुभारंभ से पहले पिछले तीन सालों से बैगास में आग लगने की घटनाएं हो रही
हैं। इसे किसी कीमत पर दैवी आपदा कहना उचित नहीं होगा। इससे चीनी मिल को
जानबूझ कर डंप करने साजिश की बू आ रही है। इसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं
किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले की पैनल गठन कर गहनता से जांच कराई
जानी चाहिए। दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के साथ उससे हुए नुकसान की
रिकवरी भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति न हो।