मुतावल्ली की मौत के बाद शव दफनाने की जगह को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। घरवालों के मजार शरीफ की जगह में शव दफनाने की कोशिश करने पर लोग इकट्ठे हो गए और विरोध करने लगे। इससे दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। सूचना पर सीओ जहानाबाद पुलिस बल के साथ पहुंचे। काफी देर बातचीत के बाद उन्होंने विवाद का निपटारा कराया।
सदर कोतवाली के गौड़ी मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय अहमद शाह कस्बे के मोहल्ला यार खां स्थित हजरत अल्लाहू बाबा की मजार शरीफ के मुतावल्ली थे। यहीं पर रहकर वह मजार शरीफ की देखरेख किया करते थे। कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे। गुरुवार शाम उनका इंतकाल हो गया। शुक्रवार सुबह उनके बेटे गुड्डू, बाबू शहंशाह समेत तमाम रिश्तेदार शव लेकर मजार शरीफ पर आ गए और सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी शुरू कर दी। मजार शरीफ के भीतर शव दफनाने का पता लगते ही कस्बे के तमाम लोग जमा हो गए और विरोध करने लगे। इससे दोनों पक्षों में तनातनी की नौौबत आ गई। ओर से जुटे लोगों की भीड़ के बीच शव दफनाए जाने की जसूचना मिलने पर सीओ जहानाबाद जगतराम जोशी, कस्बा चौकी के एसआई विजय पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर मजार शरीफ के पास स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक करने के लिए दोनों पक्षों को राजी कर लिया। लेकिन घरवाले शव लेकर गौड़ी चले गए। वहीं मुतावल्ली के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सीओ ने बताया कि विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस गई थी। दोनों पक्षों से बात कर मामले का निस्तारण करा दिया गया है।