चारों विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में मतदान कराने को हर तरह की तिकड़मबाजी की। मगर मतदान खत्म होने के साथ ही आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। हर प्रत्याशी और नेता अपने हिसाब से गुणा भाग करके जीत सुनिश्चित करने लगा है। वहीं कुछ प्रत्याशी हकीकत का अंदाजा लगाकर खामोश होकर घर बैठ गए हैं। विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे सभी 42 प्रत्याशी एवं उनके कार्यकर्ता पिछले डेढ़ महीने से दिन-रात एक किए हुए थे। जनसभा के अलावा रूठे मतदाताओं को मनाने, उनकी समस्याएं निपटाने से लेकर अपने पक्ष में करने की कोशिश का दौर चलता रहा। बुधवार को मतदान के दिन प्रत्याशी एवं कार्यकर्ता एक-एक वोटर को बूथ तक पहुंचाने में जुटे रहे। शाम को चुनाव खत्म होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। हालांकि उनका काम यहीं खत्म नहीं हुआ है। मतदान के बाद आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। पार्टी कार्यालय पर पहुंचे कार्यकर्ता एवं पोलिंग अभिकर्ता अपने प्रत्याशी या पार्टी ही हवा होने का दावा कर रहे हैं। हमारे बूथ पर दूसरे प्रत्याशी का नाम तक नहीं लिया। हमारे यहां तो बस अपनों की लाइनें लगी थीं। अरे जिस बूथ पर हम थे, वहां दूसरों के बिस्तर खाली पड़े रहे आदि-आदि। अभिकर्ताओं की बयानबाजी के साथ कुछ लोग गंभीर मुद्रा में बैठकर गुणा भाग करने में जुटे गए हैं। कमोवेश यही हाल गली मोहल्लों का है। हर आने वाले से यही सवाल किए जा रहे हैं क्या माहौल है, किसकी हवा है? कौन जीत रहा है? 11 मार्च को मतगणना तक यह क्रम जारी रहेगा।