पीलीभीत जिले में जंगल से बाहर निकली बाघिन अपने शावक के साथ शनिवार की रात हजारा थाना के गांव चंद्रनगर के एक घर में घुस गई। शोर-शराबा होने पर बाघिन और शावक समीप के गन्ने के खेत में चले गए। सूचना पर पहुंची सामाजिक वानिकी की टीम ने ड्रोन कैमरा उड़ा कर गन्ने के खेत में बाघिन और शावक की तलाश की। मगर, बाघिन, शावक की फोटो कैद नहीं हो सकी। टीम को गांव के समीप बाघ के पगचिह्न मिले हैं।
गांव चंद्रनगर के समीप एक महीने से चहलकदमी कर रहे बाघ को 19 फरवरी की शाम को पकड़ा गया था। अगले दिन बाघ को दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ा गया। शनिवार को गांव में गन्ने के खेत के समीप बनाया गया मचान और लगाया गया पिंजरा बाघ पकड़ने के बाद हटा लिया गया। शनिवार रात गांव के दिवाकर दुबे के घर शावक के साथ बाघिन के घुसने का शोर मचा। रात को तीन बार वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने ड्रोन उड़ाकर समीप स्थित गन्ने के खेत में शावक और बाघिन के शोर पर उसकी तलाश की। हालांकि ड्रोन में शावक और बाघिन की तस्वीर कैद नहीं हुई।
संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि गांव चंद्रनगर के गैर आबाद मौजा डेरा के समीप शावकों और बाघिन की चहलकदमी पर रविवार को टीम मौके पर भेजी गई। टीम को डेरा मौजा के समीप बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। निशान बाघ या बाघिन किसके है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। पूरे मामले की जानकारी विभागीय उच्च अफसरों को भी दी गई है।