पीलीभीत। टाइगर रिजर्व की माला रेंज की गोयल कॉलानी में सोमवार रात शुवेंदु विश्वास पर हमला करके उनकी जान लेने वाली बाघिन को पौने तीन घंटे के अभियान में बेहोश (ट्रैंक्युलाइज) कर पकड़ लिया गया। ग्रामीणों के गुस्से को भांपते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच बाघिन को पिंजरे में बंद करके गढ़ा रेंज ले जाया गया। अब बाघिन कहां भेजी जाएगी, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा।
माला रेंज के समीप रिछोला क्षेत्र में एक बाघिन करीब 20 दिनों से अधिक समय से चहलकदमी कर रही थी। बाघिन के लगातार आबादी में आने से क्षेत्रवासियों में भी दहशत व्याप्त थी। रविवार को बाघिन ने रिछोला गांव में दिनदहाड़े घर में घुसकर किसान रमनदीप को घायल कर दिया था। इसके बाद रविवार रात में ही पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई थी, मगर वह पिंजरे तक आने के बाद चकमा देकर चली गई थी और फिर सोमवार रात गोयल कॉलोनी में शुवेंदु विश्वास को मार डाला था। घटना को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने माला रेंज कार्यालय में तोड़फोड़ करने के साथ वाहनों को फूंक दिया। मामला शासन स्तर तक पहुंचा और इसके बाद बाघिन को बेहोश करके पकड़ने की अनुमति दे दी गई। मंगलवार सुबह उत्तराखंड के जिम कार्बेट पार्क की दो सदस्यीय टीम इस काम के लिए पहुंच गई।
टाइगर रिजर्व के अफसरों को बाघिन की लोकेशन माला रेंज के कंपार्टमेंट 126 के बीट संख्या एक में भरेला तालाब के समीप मिली। इसके बाद फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन के नेतृत्व में टीमों ने मंगलवार शाम चार बजे इलाके की घेराबंदी की। शाम करीब 6:50 बजे जिम कार्बेट के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत सिंह ने बाघिन पर डॉट चलाकर बेहोश कर दिया और कुछ मिनट उसे पिंजरे में कैद कर लिया।