कलीनगर। चांदूपुर गांव में डेरा जमाए बाघ की पांचवें दिन शुक्रवार को भी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी। निगरानी में जुटे वनकर्मी बाघ के जंगल की ओर निकल जाने की संभावना जता रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ही बाघ की मौजूदगी की बात कह रहे हैं।
कलीनगर के चांदूपुर गांव में चार दिन पूर्व से बाघ की मौजूदगी बनी है। दो पशुओं को मारने के बाद बाघ आबादी के निकट खेतों में ही डेरा जमाए था। आबादी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। अफसरों के निर्देश पर विभाग की दो टीम दिन और रात में भी निगरानी में जुटी थी।
वनकर्मियों का दावा है कि शुक्रवार को बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। पगचिह्न ट्रेस करने के प्रयास किए गए, लेकिन नहीं मिल सके। बाघ के जंगल की ओर जाने की संभावना जताई जा रही है। क्षेत्रीय वन्यजीव प्रभारी अजमेर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी है। टीम लगातार निगरानी में जुटी है।