अमरिया। खेत में सिंचाई करने वाले श्रमिक के सामने अचानक एक बाघ आ पहुंचा। बाघ सामने देखते ही युवक के होश उड़ गए और किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। श्रमिक ने फॉर्म मालिक को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने पहुंचकर पगचिह्नट्रेस किए और बाघ होने की पुष्टि की। ग्रामीणों को अलर्ट कर निगरानी बढ़ाई गई है।
तहसील क्षेत्र के गांव गजरौला निवासी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह नौ बजे गांव तिरकुनियां नसीर निवासी विजय कुमार के खेत में सिंचाई कर रहा था। तभी उसे खेत में कुछ दूरी पर बाघ दिखाई दिया। बाघ को सामने देख उसके पसीने छूट गए। उसने वहां से दौड़ लगा दी और हांफते हुए फॉर्म हाउस पहुंचकर अपनी जान बचाई। बाघ चहलकदमी करता हुआ सामने की डबरी से होते हुए झाड़ियों में चला गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। उसके बाद वन दरोगा शेर सिंह, शीलेंद्र कुमार, तेजपाल, चेतन कुमार, रालीव ढाली ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। वन दरोगा शेर सिंह ने बताया कि बाघ के पगचिह्न मिले हैं। निगरानी बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है।
पिंजरे के स्थान परिवर्तन पर मंथन
बुधवार शाम वन एवं वन्यजीव विभाग के डीएफओ संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी सूरजपुर गांव में पहुंचे। यहां वनाधिकारियों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे की लोकेशन में बदलाव पर मंथन किया।