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बाघ का आतंक : 130 दिन में सात इंसानों की गई जान

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पीलीभीत। वैसे तो जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद कई ग्रामीण बाघ के हमलों में जान गंवा चुके हैं। बाघों की आबादी में चहलकदमी पर रोक नहीं लगाई जा सकी। बीते साल में बाघ हमलों में भारी कमी आई। इस पर विशेषज्ञों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया कि बाघों का स्वभाव इंसान के प्रति मित्रवत होने लगा है। जब हमले नहीं हुए तो ग्रामीणों को भी यह बात समझाते हुए मानव-वन्यजीव को लेकर सामंजस्य स्थापित करने पर अधिक जोर रहा।
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टाइगर रिजर्व प्रशासन इस बीच बाघों के हमले रोकने के लिए ठोस कदम उठाना ही भूल गया। नतीजतन बीते साल शांति के बाद पहली फरवरी से बाघ उग्र हो उठे। पहली फरवरी को बाघ ने गजरौला क्षेत्र के बैजूनागर निवासी 65 वर्षीय फूलचंद और पांच फरवरी को गांव विधिपुर निवासी रुपलाल को निवाला बना डाला। इस बीच टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कांबिंग के साथ कैमरे भी लगवाए। इसके बाद भी बाघ गजरौला क्षेत्र में मवेशियों को निवाला बनाता रहा, लेकिन कोई इंसानी हमला नहीं हुआ। 21 मार्च ने को बाघ ने माला रेलवे स्टेशन के समीप रहने वाली रमोनी देवी और 30 मार्च को माला कॉलोनी निवासी कृष्णा राय को मार डाला। दो अप्रैल की रात रिछोला फार्म निवासी निंदर सिंह और उनके नौकर डोरीलाल का मार डाला। फिलहाल टाइगर रिजर्व प्रशासन ने घटना को अंजाम देने वाले बाघ को पकड़ लिया। इसके बाद रिछोला क्षेत्र में ही एक बाघिन आतंक मचाए हुए हैं। इसी बाघिन ने सोमवार रात गोयल कॉलोनी निवासी शुवेंदु विश्वास को मार डाला। बाघिन के हमलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फिलहाल टाइगर रिजर्व प्रशासन बाघिन को बेहोश (ट्रैक्युलाइज) कर पकड़ने का निर्णय लिया।
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चार साल में अब तक 31 इंसान गंवा चुके जान
तिथि/मृतक/निवासी
30 जून 2016 मेघनाथ नदहा
23 अक्तूबर 2016 बेनीराम मरौरी
28 अक्तूबर 2016 बाबूराम पिपरिया
11 दिसंबर 2016 अहमद खां डगा
16 जनवरी 2017 राजीव पिपरिया
05 फरवरी 2017 धनीराम कुंवरपुर
07 फरवरी 2017 नन्हेंलाल पिपरिया
11 फरवरी 2017 गंगाराम कलीनगर
16 फरवरी 2017 कलावती मेवातपुर
05 मार्च 2017 ब्रहमस्वरूप रम्पुरा
31 मार्च 2017 श्याम बिहारी जमुनिया
9 मई 2017 ताराचंद्र अनवरगंज
18 जून 2017 केवल प्रसाद मरौरी
20 जून 2017 ननकी सैदुल्लागंज
07 अगस्त 2017 तसलीम डांग
08 अगस्त 2017 शमशुल सरैदा
10 अगस्त 2017 कुवंरसेन बेहरी
18 अगस्त 2017 रामचंद्र पीलीभीत
01 अक्तूबर 2017 बबलू खरगापुर
28 दिसंबर 2017 कैलाशो पिपरिया
वर्ष 2018 में हुई तीन मौत
16 जनवरी 2018 मथुराप्रसाद निजामपुर लाह
05 मार्च 2018 गिरजा देवी चांदूपुर
26 सिंतबर 2018 लक्षमण प्रसाद सिमरिया
वर्ष 2019 में हुई एक मौत
11 अप्रैल 2019 हेमंत खैराती गोयल कॉलोनी
वर्ष 2020 में हुई पहली मौत
01 फरवरी 2020 फूलचंद बैजूनगर
05 फरवरी 2020 रुपलाल विधिनपुर
21 मार्च 2020 रमोनी देवी माला कॉलोनी
30 मार्च 2020 कृष्णा राय माला कॉलोनी
03 अप्रैल2020 निंदर सिंह रिछोला फार्म
03 अप्रैल2020 डोरीलाल ढेरम मंडरिया
08 मई 2020 शुवेंदु विश्वास गोयल कॉलोनी
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