फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मझोला में बाघ की चहलकदमी, किसानों की चिंता बढ़ी

विज्ञापन
मझोला क्षेत्र के मजगमी फार्म को जाने वाले मार्ग पर चहल कदमी करता दिखा बाघ। - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
मझोला/पीलीभीत। वन विभाग की उदासीनता के चलते मझोला क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी थम नहीं रही है। एक महीने से खेतों और सड़कों पर बाघ देखा जा रहा है। इससे इंसानों और पशुओं के लिए खतरा बना है। विभाग की ओर से चंद कैमरे लगाकर निगरानी का कार्य किया जा रहा है। सोमवार रात उत्तराखंड सीमा पर स्थित भगतनिया फार्म के निकट बाघ की वायरल वीडियो ने चुनौती और बढ़ा दी है।
विज्ञापन

अमरिया तहसील क्षेत्र बाघों के मामले में कई वर्षों से सुर्खियों में है। एक माह पूर्व से मझोला क्षेत्र में एक बाघ की चहलकदमी बनी है। परवीन नदी के क्षेत्र में डेरा जमाने के साथ बाघ दस किमी दायरे में देखा जा रहा है। जंगल से दूर लगातार मौजूदगी के बाद भी वन विभाग के अफसर ठोस निर्णय नहीं ले सके हैं। उत्तराखंड सीमा का हवाला दिया जा रहा है। मात्र क्षेत्रीय वनकर्मियों को पगचिह्न ट्रेस करने के निर्देश दिए गए है। किसानों का कहना है कि जिस इलाके में बाघ घूम रहा है, उन रास्तों से ही लोग गुजरते हैं। छोटे बच्चे भी स्कूल जाते हैं। ऐसे में खतरा बढ़ रहा है। सोमवार रात वीडियो वायरल होने के बाद वनकर्मी सतर्क हुए। भगतनिया फार्म के निकट सौदागर सिंह के खेत में बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं।
बढ़ाए गए दो कैमरे
मझोला और उत्तराखंड की सीमा क्षेत्र बाघ की चहलकदमी बनी हुई है। सोमवार रात वीडियो वायरल होने के बाद अफसरों के निर्देश पर दो कैमरे भगतनिया फार्म के निकट लगाए गए हैं। क्षेत्र में चार कैमरे पहले से ही लगाए गए हैं।
विज्ञापन

तो छुट्टा पशुओं के कारण डेरा जमाए है बाघ
मझोला क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बाघ परवीन नदी के आसपास डेरा जमाए हुए है। दरअसल वहां छुट्टा पशुओं की मौजूदगी अधिक रहती है। बाघ लगातार पशुओं का शिकार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें