टाइगर रिजर्व के जंगल में शनिवार से बाघों की गणना का कार्य शुरू हो गया। प्रथम चरण में महोफ, माला व दियूरिया रेंज में कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह गणना कैमरा पद्धति से की जा रही है। दूसरे चरण में अन्य रेंजों के क्षेत्र में गणना को कैमरे लगाए जाएंगे।
जंगलों में हर साल बाघों की गणना कराई जाती है। टाइगर रिजर्व के जंगल में इस बार पुन: कैमरा पद्धति से बाघों की गणना का कार्य शनिवार से शुरू किया गया है। प्रथम चरण में महोफ, माला और दियूरिया के वन क्षेत्र में कैमरे लगाए जा रहे हैं। जहां जहां बाघों के वासस्थल हैं और उनके भ्रमण के क्षेत्र हैं, उन स्थानों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया था और शनिवार से कैमरे लगाने का कार्य शुरू हो गया है। इससे पूर्व टाइगर रिजर्व के जंगल में कराई गई गणना में बाघों की संख्या 45 थी, लेकिन इस बार इस संख्या में काफी इजाफा होने की संभावना है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद अब धीरे धीरे मानव की वनों पर निभर्रता कम होती जा रही है और आवागमन भी बहुत कम रह गया है। इस मामले में बराही रेंजर अनिल शाह ने बताया कि वनकर्मियों को बाघों की गणना को कैमरे लगाए जाने से लेकर गणना की समाप्ति तक किस तरह से कार्य करना है, इसका प्रशिक्षण जिला मुख्यालय पर डीएफओ कैलाश प्रकाश के निर्देशन में दिया जाता है। शेष बचे भाग की वन क्षेत्र की गणना दूसरे चरण में की जाएगी। इसमें बराही व हरीपुर का जंगल क्षेत्र भी शामिल होगा।