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टाइगर रिजर्व में बन रही 75 लाख की सड़क

Sat, 12 Nov 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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टाइगर रिजर्व में बन रही 75 लाख की सड़क - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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टाइगर रिजर्व के जिस सुनसान इलाके में तीन वर्ष से वाहनों व मानव की आवाजाही प्रतिबंध है, वहां छह किमी लंबे एक मार्ग को 75 लाख रुपये से बनवाया जा रहा है। दूसरी तरफ बाइफरकेशन से चूका तराई जाने वाला मार्ग लोगों की मांग के बावजूद अब तक जर्जर है। इसको लेकर तराईवासियों में रोष है।
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टाइगर रिजर्व प्रशासन ने टाइगर रिजर्व बनने के बाद शारदा मुख्य नहर पटरी सपर लालपुल से बाइफरकेशन तक जाने वाले छह किमी लंबे मार्ग पर आम तौर पर प्रतिबंध था। दोनों ओर बैरियर भी थे। वन विभाग का मानना था कि इस मार्ग पर अब आम लोगों के आवागमन की कोई जरूरत नहीं है। पहले भी इस मार्ग पर बहुत कम आवागमन था। इस नहर मार्ग के दोनों ओर का जंगल कोर एरिया में पड़ता है। वर्ष 2010 में सिंचाई विभाग की हेडवकर्स खंड से जब पीडब्ल्यूडी विभाग ने नहर मार्ग की बात कही तो सिंचाई विभाग ने लिखित अनुमति दे दी थी, लेकिन टाइगर रिजर्व बनने के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने तराई की ओर जाने वाले बाइफरकेशन चूका डैम मार्ग को बनाने के प्रयास शुरू किये। इस मार्ग को करीब साढ़े छह साल पहले हरदोई ब्रांच के कलीनगर पुल से लेकर शारदा डैम के जीरो किमी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से आरईएस ने बनाया, लेकिन यह मार्ग बनने के एक साल बाद ही जर्जर होने लगा। इसको लेकर तराईवासियों की परेशानी बढ़ गई और सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन कर जनप्रतिनिधियों को जगाने की कोशिश की। इस पर विधायक पीतमराम व मंत्री ने क्षेत्र समिति के चुनाव के दौरान शाहगढ़ में इस मार्ग को बनाने की घोषणा की। पीडब्ल्यूडी ने सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर इस मार्ग को हैंडओवर करने को भी कहा, लेकिन इसी बीच लालपुल से बाइफरकेशन तक 75 लाख रुपये से मार्ग निर्माण को मंजूरी दे दी गई। वहीं बाइफरकेशन शारदा डैम मार्ग को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 
बताते हैं कि जिस मार्ग पर 75 लाख रुपये से मंजूरी देकर निर्माण की कवायद शुरू की गई है, उस मार्ग के बनने के बाद भी आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। वन विभाग के मुताबिक जब जंगल क्षेत्र पर्यटकों के लिए खुला करेगा तभी इस मार्ग पर इंट्री दी जाएगी। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अभियंता बताते हैं कि इस मार्ग को सिंचाई विभाग ने वर्ष 2010 में बनाने की अनुमति दे दी थी लेकिन बजट मंजूर नहीं हो सका था। टाइगर रिजर्व बनने के बाद अति विशिष्ठ व्यक्ति इस मार्ग पर बाइफरकेशन तक जाएंगे, इसलिए इसको मंजूरी मिली है और सिंचाई विभाग यदि बाइफरकेशन चूका डैम मार्ग को बनाने की अनुमति दे देता है तो उसको भी प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाएगा। 
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