कब क्या हुआ
- 1:00 बजे बाघिन घर में घुसी
- 5:00 बजे वन विभाग की टीम गांव पहुंची
- 5.30 बजे बाघिन की मौजूदगी वाले स्थान के चारों ओर जाल लगाया
- 10:00 बजे डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, पशु चिकित्सक दक्ष गंगवार आदि मौके पर पहुंचे
- 11:00 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ
- 12:00 बजे बाघिन को पिंजरे में कैद कर लिया
चार घंटे तक दहशत के साए में रहे दो परिवार
आधी रात को घर के आंगन में बाघिन की मौजूदगी देख किसान सुखविंदर और उनके पड़ोसी जसविंदर के माथे पर जाड़ों की सर्द रातों में पसीना आ गया। परिवार में दहशत फैल गई। बरामदे में सो रहे परिजन ने एकाएक भागकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। करीब चार घंटे बाद सुबह पांच बजे वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद परिजन ने राहत महसूस की। बाघिन के पकड़ने जाने के बाद ही परिजन ने खाना पीना शुरू किया।