बाघ की चहलकदमी जंगल से दूर शहर के किनारे तक होने लगी है। बुधवार रात को टनकपुर रोड पर शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित गांव खरौसा के खेतों में बाघ देखा गया। वहीं, अमरिया क्षेत्र के भरा पचपेड़ा में पड्डा मार दिया। सूरजपुर गांव के निकट खेत में भी पगचिह्न ट्रेस किए गए।
ठंड और कोहरा बढ़ने के साथ बाघ एवं वन्यजीवों के भी जंगल से बाहर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर टनकपुर रोड स्थित गांव खरौसा में बुधवार की रात खेत की रखवाली कर रहे ग्रामीणों ने बाघ की चहलकदमी देखी। उन्होंने सुबह इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर डीएफओ आदर्श कुमार के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव वाले भी एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ बताए गए खेतों में जांच की। इस दौरान लाखन के गेहूं के खेत में बाघ के पगचिह्न देखे गए। जांच के दौरान बाघ के जंगल की ओर लौटने के निशान मिले हैं। उधर, अमरिया क्षेत्र में भी बाघ की चहलकदमी जारी है। बुधवार की रात भरा पचपेड़ा के खेतों में घूम रहे गांव कैमोर निवासी रूपलाल का पड्डा बाघ ने मार डाला। सुबह जानकारी होने पर वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर घटना की जांच की। उधर, अमरिया क्षेत्र के सूरजपुर गांव के निकट गुरदेव सिंह के गेहूं के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि खरौसा में टीम के साथ निरीक्षण किया गया है। बाघ जंगल की ओर लौट गया। निगरानी टीमें क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रही हैं साथ ही जंगल से सटे गांव में गोष्ठियां कर बाघ एवं वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय बताकर ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।