मझोला। जनपद और उत्तराखंड की सीमा में कई लोगों की जान लेने वाले बाघ की दहशत कम नहीं हो सकी है। रविवार को मजदूर को मारने वाले स्थान से पांच सौ मीटर दूर स्थित फुलईया फार्म की सीमा में पहुंचे बाघ ने छुट्टा पशु का शिकार किया। इसके बाद निगरानी में जुटी टीम के साथ गन्ने से निकलकर नाले में पानी पीने पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि हालत बिगड़ रहे हैं। विभाग सिर्फ निगरानी तक सीमित है।
न्यूरिया क्षेत्र के मझोला इलाके की सीमा उत्तराखंड से मिली हुई है। एक माह पूर्व से जंगल से बाहर निकला एक बाघ क्षेत्र में चहलकदमी कर क्षेत्रीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। 19 मार्च को उत्तराखंड सीमा पर स्थित दहा फार्म में गन्ने की छिलाई कर रहे न्यूरिया क्षेत्र के एक मजदूर को बाघ ने मार दिया था। इसके बाद से बाघ लगातार क्षेत्र में मौजूदगी बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। एक सप्ताह में तीन बार मझोला के फुलईया फार्म की सीमा में बाघ देखा गया। इससे किसान भयभीत है। जहां बाघ घूम रहा है उसके आसपास कई कॉलोनी भी बसी हैं।
शनिवार देर रात फुलईया फार्म के निकट पहुंचे बाघ ने किसान पिछौरी लाल के गेहूं के खेत में छुट्टा पशु का शिकार किया। रविवार सुबह जानकारी होने पर किसान रमन शर्मा ने वन विभाग को जानकारी दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस किए। इसके बाद बाघ कुछ दूरी पर रानी कॉलोनी की ओर निकल गया। टीम मौके पर पहुंची। इस बीच बाघ गन्ने से निकलकर नाले में पानी पीने निकल पड़ा। बाघ देख ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अफसर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं।
वन्यजीव प्रभारी सोनी सिंह ने बताया कि बाघ पर नजर रखी जा रही है। अफसरों को भी अवगत करा दिया गया है। टीम के शैलेंद्र कुमार और चेतन कुमार को निगरानी के लिए लगाया गया है। ड्रोन की मदद से निगरानी कराई जा रही है।