सप्ताह भर पहले यहां देखा गया था बाघ
सप्ताह भर पहले फिर बाघ गांव उदयकरनपुर के समीप खेतों में और इसके बाद 13 मील के पास नहर पटरी पर जा पहुंच गया और नहर की झाड़ियों में छिप गया था। 13 मील के पास बाघ को पकड़ने के लिए फिर पिंजरा लगाया गया।
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बाघ की निगरानी के लिए टीम लगाई गई। पिंजरा लगते ही बाघ चार किलोमीटर दूर गांव अभयपुर माधौपुर की ओर चला गया। वहां बाघ का अधखाया संरक्षित पशु का अवशेष भी वनकर्मियों को मिला था। इसके बाद बाघ की चहलकदमी न मिलने पर वन विभाग टीम बाघ के जंगल में चले जाने की आशंका व्यक्त कर रहे थे।
आसपास खेतों में किसान कर रहे थे काम
सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे बाघ फिर हरदोई ब्रांच नहर पटरी के पास देखा गया। राहगीरों ने बाघ को देखकर फोटो खींचे और वीडियो भी बनाया। वीडियो में बाघ धान के खेत से जाते दिख रहा है। पास के खेत में एक किसान ट्रैक्टर के जुताई कर रहा है। सूचना पर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। क्षेत्र से बाघ को खदेड़ने या पकड़ने की कोशिश न होने का आरोप लगाते हुए लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। वहीं इलाके में बाघ आने से ग्रामीणों में दहशत है।