पीलीभीत। दियोरिया रेंज की सीमा में शनिवार को हरदोई ब्रांच नहर में उतराता मिले बाघिन के शव का आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया हैै। बाघिन के सभी अंग सुरक्षित होने का दावा अफसर कर रहे हैं। बाघिन की उम्र तीन से चार साल के बीच बताई जा रही है। जनपद की सीमा से बहकर आगे जाने के चलते बाघिन की पहचान के लिए टाइगर रिजर्व के अफसर फोटो के माध्यम से उसके रंग और धारियों का विश्लेषण करने की बात कह रहे हैं।
टाइगर रिजर्व की दियोरिया रेंज के अंतर्गत मटहेना गांव की सीमा में शनिवार को हरदोई ब्रांच नहर में ग्रामीणों ने बाघिन का शव उतराते देखा था। राहगीरों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर दियोरिया रेंज के वनकर्मी पहुंच गए। बाघिन को बाहर निकलने के प्रयास किए जाने लगे, लेकिन औपचारिकताओं के चलते बाघिन पानी के बहाव में आगे निकलती गई। सूचना पर एसडीओ पूरनपुर प्रवीण खरे मौके पर पहुंच गए। बाघिन को बाहर निकालने के प्रयास सफल हो पाते इससे पहले बाघिन शाहजहांपुर बॉर्डर की सीमा में पहुंच गई। हालांकि एसडीओ प्रवीण खरे की मौजूदगी में बाघिन के शव को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे शाहजहांपुर के स्टाफ ने बाघिन का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम शव का टाइगर रिजर्व फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन, शाहजहांपुर के डीएफओ आदर्श कुमार, एसडीओ प्रवीन खरे की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। अधिकारियों का दावा है कि शव के सभी अंग सुरक्षित थे और कोई चोट के निशान भी नहीं पाए गए। बाघिन की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से विसरा सुरक्षित किया गया। तीन से चार दिन बाद रिपोर्ट आ सकेगी।
बाघिन के शव का अफसरों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसके अलावा बाघिन कहां की थी, फोटो के माध्यम से इसकी पहचान की जा रही है। - नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टागइर रिजर्व