क्षेत्र में घूम रहे बाघ ने कैलाश नदी के किनारे एक भैंस को मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर दूसरे दिन पहुंची टीम ने भैंस के अवशेष बरामद किए है। भूड़ा कैमोर निवासी कुंवरसेन यादव भरा पचपेड़ा गौशाला के निकट कैलाश नदी किनारे अपने पशु चराने गए थे। पशुओं को झाड़ियों के निकट छोड़कर एक ओर बैठ गया। इस बीच नदी के किनारे झाड़ियों से निकले बाघ ने एक भैंस पर हमला कर पकड़ लिया जबकि अन्य पशु भागने लगे। बाघ भैंस को खींचकर झाड़ियों में ले गया। कुुंवरसेन ने शोर मचाया लेकिन भैंस को नहीं बचा सका। कुंवरसेन ने इसकी सूचना वन विभाग को दी जिसपर अगले दिन सुबह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रेम मौर्य, वनरक्षक अजमेर सिंह टीम के साथ पहुंचे। लेकिन बाघ ने भैंस का अधिकांश हिस्सा खा लिया था। कुछ अवशेष मौके पर मिले। सामाजिक वानिकी के वन क्षेत्राधिकारी गजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी पर टीम को भेजा गया था। किसान को मुआवजा दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।