कलीनगर। माला रेंज से सटे मथना जप्ती गांव में बाघ की चहलकदमी से दहशत फैल गई। शनिवार रात गांव के मुख्य मार्ग स्थित गुरुद्वारे के पास पहुंचे बाघ ने एक सांड़ को मार डाला। जानकारी के बाद रविवार सुबह ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। जानकारी जुटाकर निगरानी शुरू कर दी है।
माधोटांडा क्षेत्र का मथना जप्ती गांव माला रेंज के जंगल से सटा हुआ है। गांव की सीमा में अक्सर बाघ समेत वन्यजीवों की चहलकदमी देखी जाती है। पूर्व में बाघ के हमले में कई इंसानों की भी मौत हो चुकी है। एक माह पूर्व बाघ ने क्षेत्र के ही एक घर के निकट पहुंचकर मवेशी को मार दिया था।
इधर, रविवार रात बाघ जंगल से निकलकर करीब एक किलोमीटर दूर माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर मथना जप्ती गांव में नहर किनारे स्थित गुरुद्वारे के पास पहुंच गया। यहां गन्ने के खेत में घूम रहे सांड़ को बाघ ने हमला कर मार दिया। बाघ ने खेत में ही सांड़ को खाया और निकल गया।
रविवार सुबह खेतों की ओर पहुंचे ग्रामीणों ने सांड़ का अधखाया शव पड़ा देखा तो दहशत फैल गई। गांव निवासी किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी ने बताया कि बाघ अक्सर गांव की सीमा में चहलकदमी करता है। सांड़ को मारने की घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। इस पर वन दरोगा ने मौके पर पहुंचकर घटना की स्थिति परखी।
उनका कहना है कि विभाग ने वैसे तो क्षेत्र में तार फेंसिंग की हुई है, लेकिन कुछ स्थानों पर बीच-बीच में जगह छोड़ दी है। इससे उस क्षेत्र से बाघ बाहर निकल आता है। विभाग को उन क्षेत्रों को तार फेंसिंग कर बंद करने की जरूरत है। माला रेंजर रोबिन सिंह ने बताया कि टीम को मौके पर भेजा गया था। निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
माला जंगल में नेपाली हाथी की सक्रियता से राहगीर परेशान
कलीनगर। पिछले दिनों पीटीआर की माला रेंज के जंगल में पहुंचे नेपाली हाथी की सक्रियता बढ़ने से राहगीर परेशान हैं। हाथी की माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग के आसपास भी मौजूदगी देखी जा रही है।
तीन दिन पूर्व एक नेपाली हाथी रास्ता भटककर पीटीआर की माला रेंज के जंगल में पहुंच गया था। इसके बाद से ही हाथी जंगल में डेरा जमाये है। रात को जंगल की सीमा से सटे इलाके में निकलने की जुगत में हाथी तार फेंसिंग को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जानकारी के बाद से ही माला रेंज की टीम हाथी पर नजर बनाए हुए है। रविवार को हाथी की माधोटांडा मार्ग पर सौ मीटर जंगल के अंदर मौजूदगी देखी गई। हाथी को देख राहगीर सहम गए। हालांकि विभाग की टीम अलर्ट होकर क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं। संवाद