फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit: गन्ने की छिलाई कर रहे मजदूर को बाघ ने मार डाला, उत्तराखंड पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Sun, 19 Mar 2023 10:05 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

मजदूरों ने खेत में पहुंचकर गन्ने की छिलाई शुरू की। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे अचानक गन्ने के खेत से निकले बाघ ने रमेश पर झपट्टा मार दिया। बाघ गर्दन पकड़ कर रमेश को गन्ने में खींच ले जाने लगा। यह देख मजूदरों में दहशत फैल गई।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद पुलिस और लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जनपद से सटे उत्तराखंड की सीमा में स्थित दहा फार्म पर खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे न्यूरिया के जोशी कॉलोनी निवासी मजदूर रमेश मंडल (55) को बाघ ने मार डाला। इससे अन्य मजदूरों में दहशत फैल वह खेत से भाग खड़े हुए। शोर मचाने पर बाघ शव को छोड़कर आगे निकल गया। सूचना के बाद पीलीभीत व खटीमा के वन अफसर मौके पर पहुंच गए। खटीमा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

विज्ञापन


न्यूरिया क्षेत्र की जोशी कॉलोनी निवासी रमेश मंडल (55) रविवार सुबह गन्ने की छिलाई करने के लिए गांव के ही राधा राय, सत्तू विश्वास, तपन समेत करीब दस मजदूरों के साथ गांव से एक किलोमीटर दूर उत्तराखंड की सीमा में स्थित दहा फार्म पर गए थे। दहा फार्म जनपद और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित है। मजदूरों ने खेत में पहुंचकर गन्ने की छिलाई शुरू की। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे अचानक गन्ने के खेत से निकले बाघ ने रमेश पर झपट्टा मार दिया। बाघ गर्दन पकड़ कर रमेश को गन्ने में खींच ले जाने लगा। यह देख मजूदरों में दहशत फैल गई। साथी को बचाने के लिए उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसपर खेत स्वामी भी ट्रैक्टर लेकर पहुंच गए। शोर शराबे के बाद बाघ वहां से आगे की ओर निकल गया। हालांकि तब तक रमेश की मौत हो गई थी। 

विज्ञापन

इसके बाद फार्म स्वामी ने खटीमा पुलिस को जानकारी दी। सत्तरहा मील पुलिस चौकी के इंचार्ज संदीप पिंकवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों सीमाओं के वन अफसरों को जानकारी दी गई। इसके बाद सामाजिक वानिकी के पीलीभीत एसडीओ अंजलि श्रीवास्तव, वन दरोगा सोनी सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। जानकारी जुटाने के बाद बाघ की निगरानी शुरू की गई। खटीमा पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रमेश के परिवार में तीन पुत्री और दो पुत्र शामिल हैं। पुत्रियों और बड़े बेटे की शादी हो चुकी हैं। पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी है।

तीन साल से दिल्ली में रहकर कर रहा था मजदूरी
जोशी कॉलोनी के प्रधान समीर मंडल ने बताया कि रमेश कुछ साल पूर्व अपने परिवार के साथ पास में ही स्थित रानी कॉलोनी में रहने चला गया था। पत्नी की मौत के बाद परिजन के साथ दिल्ली चला गया था। जिसके बाद से दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। दस दिन पूर्व गन्ने की छिलाई करने के लिए रमेश घर लौटा था।

तीन घंटे पहले देखा गया था बाघ, अंजान रहा विभाग
दहा फार्म में गन्ने के खेत में मजदूर का शिकार करने वाला बाघ घटना से तीन घंटे पहले जनपद सीमा में स्थित फुलइया फार्म की सीमा में देखा गया था। बाघ को देख मजदूर कार्य छोड़कर भाग गए। इसकी सूचना भी क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी गई थी, लेकिन वनकर्मी अंजान रहे। बाघ ने फुलइया फार्म से पांच सौ मीटर आगे उत्तराखंड सीमा में पहुंचकर मजदूर का शिकार कर लिया।

उत्तराखंड की सीमा में बाघ हमले की घटना हुई है। हालांकि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों के निर्देश पर अतिरिक्त टीमों को लगाया जा रहा है। - अंजलि श्रीवास्तव, एसडीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें