इसके बाद फार्म स्वामी ने खटीमा पुलिस को जानकारी दी। सत्तरहा मील पुलिस चौकी के इंचार्ज संदीप पिंकवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों सीमाओं के वन अफसरों को जानकारी दी गई। इसके बाद सामाजिक वानिकी के पीलीभीत एसडीओ अंजलि श्रीवास्तव, वन दरोगा सोनी सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। जानकारी जुटाने के बाद बाघ की निगरानी शुरू की गई। खटीमा पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रमेश के परिवार में तीन पुत्री और दो पुत्र शामिल हैं। पुत्रियों और बड़े बेटे की शादी हो चुकी हैं। पत्नी की तीन साल पहले मौत हो चुकी है।
तीन साल से दिल्ली में रहकर कर रहा था मजदूरी
जोशी कॉलोनी के प्रधान समीर मंडल ने बताया कि रमेश कुछ साल पूर्व अपने परिवार के साथ पास में ही स्थित रानी कॉलोनी में रहने चला गया था। पत्नी की मौत के बाद परिजन के साथ दिल्ली चला गया था। जिसके बाद से दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। दस दिन पूर्व गन्ने की छिलाई करने के लिए रमेश घर लौटा था।
तीन घंटे पहले देखा गया था बाघ, अंजान रहा विभाग
दहा फार्म में गन्ने के खेत में मजदूर का शिकार करने वाला बाघ घटना से तीन घंटे पहले जनपद सीमा में स्थित फुलइया फार्म की सीमा में देखा गया था। बाघ को देख मजदूर कार्य छोड़कर भाग गए। इसकी सूचना भी क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी गई थी, लेकिन वनकर्मी अंजान रहे। बाघ ने फुलइया फार्म से पांच सौ मीटर आगे उत्तराखंड सीमा में पहुंचकर मजदूर का शिकार कर लिया।
उत्तराखंड की सीमा में बाघ हमले की घटना हुई है। हालांकि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों के निर्देश पर अतिरिक्त टीमों को लगाया जा रहा है। - अंजलि श्रीवास्तव, एसडीओ