गांव पताबोझी और टांडा छत्रपति के समीप खेतों में बाघ की चहल कदमी से लोग दहशत में हैं। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम ने पहुंचकर पगमार्ग देखे। सामाजिक वानिकी और हरीपुर रेंज की टीम ने बाघ को जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन बाघ खेतों में छिप गया। सामाजिक वानिकी के रेंजर हसीन अहमद ने बताया कि शनिवार को गांव पताबोझी और टांडा छत्रपति के समीप खेतों में बाघ देखा गया। इसकी सूचना पर टीम को भेजकर बाघ के पदचिन्ह ट्रेस कराए गए। उन्होंने बताया कि मौके पर बाघ और कुत्ते के पदचिन्ह मिले। बाघ को जंगल में खदेड़ने को पीपा बजाकर शोर किया गया, लेकिन बाघ एक गन्ना के खेत में घुस गया। बाघ की निगरानी को टीम लगाई गई है।