23 अप्रैल को टाइगर रिजर्व के बराही रेंज में पड़ने वाली हरदोई ब्रांच नहर में बाइरफकेशन से दो मील पर स्थित झाल में बाघ का शव मिला था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर आईवीआरआई के डॉक्टरों ने उनके अंग जांच को भेजे थे। अब उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट डीएफओ कार्यालय को प्राप्त हो गई है। डीएफओ कैलाश प्रकाश के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ का पेट खाली पाया गया यानि उसने कई दिन से शिकार नहीं किया था। वहीं उसके शरीर में कीटनाशक पाया गया है। अब सवाल उठता है कि बाघ के शरीर में कीटनाशक कहां से आया। क्या बाघ को किसी ने कीटनाशक दिया है। क्योंकि कीटनाशक का स्प्रे तो इन दिनों धान की फसलों पर हो रहा है और मांसाहारी होने के कारण बाघ धान नहीं खा सकता। यदि उसे किसी ने कीटनाशक नहीं दिया है तो क्या जंगल से निकलकर बाघ खेत में फसल खाने आया था। इस बाबत डीएफओ से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि संभवत: उसने किसी खेत से दूषित पानी पी लिया होगा जिससे कीटनाशक का असर उसके शरीर में हो गया और इसकी के चलते उसने खाना छोड़ दिया होगा।