बाघ की दहशत कायम है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में बाघ की चहल कदमी देखी जा रही है। रविवार सुबह मल्लपुर न्यूरिया निवासी हरदयाल सिंह के झाले में घुस गया। सूचना देने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पदचिह्न ट्रेस किए। कुछ दिनों पहले बाघ ने पिपरिया संतोष निवासी बाबूराम और इसके बाद गांव के ही 17 वर्षीय छात्र राजीव को मार डाला था। इन घटनाओं को लोग अभी भूले भी नहीं कि बाघ की चहल कदमी फिर शुरू हो गई। शुक्रवार शाम क्षेत्र के हरभजन सिंह के खेत के निकट सुअर मार दिया था। शनिवार सुबह बाघ दुबारा मृत पड़े सुअर के पास पहुंचा था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भाग गया। मगर शनिवार रात उसने फिर दस्तक दी। इस बार खेतों से होता हुआ मल्लपुर न्यूरिया निवासी हरदयाल सिंह के झाले में घुस गया। बाघ ने यहां पिंजरे में बंद पालतू बंदरिया को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। आहट होने पर जागे घरवालों ने शोर मचाया, जिस पर बाघ खेतों में चल गया। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ क्षेत्र में ही गन्ने के खेतों में छिपा है। बाघ के आने की सूचना मिलने पर टाइगर रिजर्व के डिप्टी रेंजर मोबीन आरिफ, साजिद हसन टीम के साथ मौके पर गए। उन्होंने बाघ के पदचिह्न ट्रेस किए साथ ही गांव वालों से सतर्क रहने की अपील की।