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Pilibhit News: पताई से गन्ना बांध रहे किसान पर बाघ का हमला, हालत नाजुक

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मेडिकल कॉलेज में भर्ती बाघ हमले में घायल मेघनाथ को देखते सीएमएस।संवाद
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पीलीभीत/मझोला। आबादी के निकट खेत पर पताई से गन्ना बांध रहे किसान पर दूसरे खेत से निकलकर आए बाघ ने हमला कर दिया। साथ में मौजूद बेटे के शोर-शराबा करने पर किसान को छोड़कर बाघ खेत में जाकर छुप गया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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न्यूरिया क्षेत्र के गांव मंडरिया निवासी मेद्यनाथ (50) बुधवार शाम करीब चार बजे आबादी के निकट खेत पर पताई से गन्ने की फसल को बांध रहा था। उसका पुत्र सतीश भी खेत में ही मौजूद था। कार्य करते समय अचानक पास में स्थित दूसरे गन्ने के खेत से निकला बाघ वहां पहुंच गया और पीछे से किसान पर हमला कर दिया।
चीख की आवाज सुनकर कुछ दूरी पर मौजूद पुत्र भी शोर-शराबा करने लगा। इस पर आसपास मौजूद ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। बाघ किसान को छोड़कर पास के गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। इसके बाद घटना की सूचना वन विभाग के अलावा डायल 112 को दी गई। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी अपने वाहन से घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने उसका उपचार शुरू किया।
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जानकारी के बाद एसडीओ अंजनि कुमार टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और घायल का हाल जाना। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना के बाद टीम मौके पर रवाना हो गई। बाघ पर गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थित के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


ग्रामीणों का आरोप, दो घंटे बाद भी नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद जानकारी वन विभाग को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन दो घंटे बीतने के बाद भी कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि विभाग आपसी तालमेल बढ़ाने की बात कहता है, फिर भी ऐसी कार्यशैली पर अमल किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। हालांकि दो घंटे बाद क्षेत्रीय वन दरोगा सोनी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंची और निगरानी शुरू की गई।


कई माह से क्षेत्र में घूम रहा बाघ, मार चुका है पांच मवेशी
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ कई माह से दो किमी के दायरे में घूम रहा है। उसने करीब पांच मवेशियों को भी मारा। विभाग को भी इसकी जानकारी है। बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसकी वजह से बुधवार को घटना हो गई। हमले वाली जगह आबादी से महज चंद कदम दूरी पर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ अब भी गन्ने के खेत में ही डेरा जमाए हुए है।

मेडिकल कॉलेज में भर्ती बाघ हमले में घायल मेघनाथ को देखते सीएमएस।संवाद

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