पीलीभीत में बाघों का आतंक थम नहीं रहा है। आए दिन हमले के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को माला जंगल में साफ-सफाई करने पहुंचे जमुनिया गांव के मजदूर को बाघ दबोच ले गया। साथी मजदूरों ने वहां से भागकर जान बचाई।
पीलीभीत के माला जंगल में वनकर्मियों के बुलावे पर साफ-सफाई करने पहुंचे जमुनिया गांव के मजदूर को बाघ दबोच ले गया। साथी मजदूरों ने वहां से भागकर जान बचाई। जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ ने कई घंटे तक वन विभाग की मदद से जंगल में खोजबीन की, लेकिन मजदूर का कोई सुराग नहीं लगा। मौके पर उसके जूते पड़े मिले।
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माधोटांडा क्षेत्र के गांव जमुनिया निवासी गंगाराम (37) सोमवार करीब आठ बजे गांव के ही अर्जुन, वीरेंद्र और छोटेलाल के साथ माला रेंज के मथना क्षेत्र के जंगल में साफ-सफाई के लिए गए थे। इन लोगों को वनकर्मी गोविंद ने मजदूरी पर सफाई के लिए बुलाया था। गंगाराम जंगल में चार लोगों के साथ सफाई कर रहा था, तभी बाघ ने गंगाराम को दबोच लिया और उसे जंगल में खींच ले गया। यह देखकर साथी मजदूर शोर मचाते हुए भाग खड़े हुए।
जानकारी मिलने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। तलाश करने पर उन्हें जंगल में गंगाराम का अंगोछा और जूते पड़े मिले, लेकिन कई घंटे खोजबीन करने के बाद भी गंगाराम का कोई पता नहीं चला। कुछ दूर तक घसीटने के निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों का कहना है वन अफसर सूचना देने के दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। गंगाराम के साथ अनहोनी की आशंका को लेकर उनके परिजन परेशान हैं।