टाइगर रिजर्व बनने के बाद करीब चार माह से बाघ के हमले एकाएक बढ़ गए हैं। वनकटी क्षेत्र में बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है। इससे पूर्व गांव मरौरी में एक किसान और वनकटी में महिला की जान जा चुकी है। न्यूरिया थाना क्षेत्र के कई गांव महोफ और माला जंगल से सटे हैं। आसपास के खेतों में बाघ की चहलकदमी और हमले की घटना अक्सर सामने आती हैं। करीब चार माह पूर्व 24 अक्तूबर को बाघ ने इसी क्षेत्र के गांव मरौरी निवासी 34 वर्षीय बेनीराम पर रात रखवाली करते समय हमला कर मार डाला था। इसके बाद 16 फरवरी को मरौरी गांव से करीब पांच किमी दूर जंगल के अंदर लकड़ी बीनते समय वनकटी निवासी 55 वर्षीय महिला कलावती को हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इन घटनाओं को लोग भूले भी नहीं थे कि रविवार को बाघ ने इसी क्षेत्र में पड़ने वाले गांव रम्पुरा में सिंचाई करने गए 18 वर्षीय छात्र ब्रह्मस्वरूप पर हमला कर उसकी जान ने ली। इन तीन मौत के अलावा हमले में भी कई लोग घायल हो चुके हैं। वहीं आए दिन जंगल एवं गांव के आसपास बाघ की चहलकदमी से लोगों में दहशत है।