गजरौला/पीलीभीत। टाइगर रिजर्व से सटे गजरौला क्षेत्र के गांव विधिपुर के एक व्यक्ति की बुधवार शाम बाघ के हमले में मौत हो गई। वह टाइगर रिजर्व की माला रेंज की लालपुर बीट में दो साथियों के साथ लकड़ी बीनने गया था। दोनों साथियों ने मौके से भागकर जान बचाई।
गांव पचपेड़ा गढ़ा निवासी निंदर सिंह ने बताया कि 46 वर्षीय रूपलाल उनके फार्म पर काम करता था। बुधवार को वह घर पर नहीं थे। दोपहर बाद रूपलाल अपने दो साथियों के साथ जंगल में लकड़ी बीनने चला गया। वहां बाघ ने उस पर हमला कर दिया। किसी तरह बच निकले उसके दोनों साथियों ने घटना की जानकारी उसके घर आकर दी। इसके बाद ग्रामीणों के साथ वह अपनी कार से जंगल पहुंचे। वहां पर हालातों को भांपकर कार से बाहर निकले और शोर-शराबा शुरू किया। जंगल में गंभीर रुप से घायल मिले रुपलाल को कार से गजरौला निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों से उसका इलाज करने से मना कर दिया। उसके बाद वह उसे जिला अस्पताल लेकर गए। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच रूपलाल के दोनों साथी मौके से भागने के बाद घर पहुंच गए। ग्रामीण की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया है। इससे पहले एक फरवरी को माला रेंज में ही बैजूनागर निवासी फूलचंद को भी बाघ ने अपना निवाला बना लिया था।
ग्रामीण पर जानवर के हमले की सूचना मिली है, लेकिन अभी यह कंफर्म नहीं है कि हमला बाघ का है या किसी अन्य वन्यजीव का। इसके बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। - सत्यवीर संधू, बीट प्रभारी गढ़ा