पीलीभीत। टनकपुर हाईवे के पास स्थित ट्रांजिट हॉस्टल के कमरे में महिला कांस्टेबल मीना राजपूत के मंझले बेटे सौरभ राजपूत (25) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सौरभ बीएससी कर चुका था। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भिजवाया है। तीन साल पहले मीना के बड़े बेटे ने भी जहर खाकर जान दे दी थी। पति का 2006 में निधन हो चुका है।
पीलीभीत में तैनात मीना राजपूत की वर्तमान में न्यायालय सुरक्षा में ड्यूटी है। वह ट्रांजिट हॉस्टल के कमरा नंबर 121 में बेटे सौरभ राजपूत के साथ रहती हैं। ट्रेनिंग के सिलसिले में मीना मेरठ गईं हुईं थीं। घर पर सौरभ अकेला था। छोटा बेटा बाहर रहकर पढ़ाई करता है। बताया कि दो दिन से सौरभ किसी का फोन नहीं उठा रहा था। शक होने पर कांस्टेबल ने आसपास रह रहे साथी कर्मियों को कमरे में जाकर जानकारी करने के लिए कहा। सोमवार सुबह आसपास के कर्मी कमरे में पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाल राजीव कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर सौरभ का शव पंखे के सहारे फंदे से लटकता मिला। शव के पास में ही मोबाइल फोन भी पड़ा था। कोतवाल ने बताया कि आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है।