लोगों ने बताया कि यह मार्ग माधोटांडा से खटीमा को जोड़ता है और घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। हालांकि, एक साथ तीन बाघों का दिखाई देना लोगों के लिए रोमांचकारी नजारा रहा। कुछ देर बाद तीनों बाघ वापस जंगल की ओर लौट गए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
इस मार्ग से गुजरते समय रहें सतर्क
इस संबंध में वन विभाग के रेंजर सहेंद्र कुमार यादव ने बताया कि यह पूरा क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। यहां बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की नियमित गतिविधियां होती रहती हैं और विभाग द्वारा लगातार निगरानी भी की जाती है। उन्होंने राहगीरों और पर्यटकों से अपील की कि ऐसे क्षेत्रों से गुजरते समय सतर्कता और निर्धारित नियमों का पालन जरूर करें।