जिले में बुखार होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरनपुर क्षेत्र के सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूप सिंह समेत दो गांवों में बुखार से दो बालिकाओं की मौत हो गई। जबकि बरखेड़ा क्षेत्र के गांव कबूलपुर निवासी एक बालिका की इलाज के दौरान मौत हो गई।
बरखेड़ा। क्षेत्र के गांव कबूलपुर निवासी गंगाराम की 14 वर्षीय पुत्री पूजा को दो सितंबर को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। गंगाराम ने बताया कि बुखार आने पर पूजा को गांव टिकरी में एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दो दिन पहले पीलीभीत में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार सुबह करीब सात बजे उसकी मौत हो गई।
भगवंतापुर। गांव पिपरिया जयभद्र निवासी रामऔतार ने बताया कि उसकी आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी को पांच दिन पहले बुखार ने चपेट में ले लिया था। लक्ष्मी को इससे पहले सीएचसी में दिमागी बुखार को लेकर टीका भी लगवाया गया था। बुखार की चपेट में होने पर लक्ष्मी देवी को पहले गांव में इसके बाद सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रविवार को लक्ष्मी देवी की जिला मुख्यालय के एक अस्पताल मेें मौत हो गई। रामऔतार ने बताया कि डॉक्टरों ने उसकी पुत्री को दिमागी बुखार होने की जानकारी दी।
कसगंजा/घुंघचाई। सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूपसिंह निवासी रामचंद्र ने बताया कि उसकी पुत्री 15 वर्षीय रोशनी को चार दिन पहले बुखार आया था। रोशनी को गांव कसगंजा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रविवार को सुबह नौ बजे उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने दिमागी बुखार से पुत्री की मौत की जानकारी दी। इधर, गांव निवासी सेठपाल की 11 वर्षीय पुत्री राधा देवी को बुखार से हालत बिगड़ने पर जिला मुख्यालय इलाज के लिए ले जाया गया है। राधादेवी का चार दिनों से इलाज गांव कसगंजा के एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां कराया जा रहा था। इसके अलावा इसी गांव के गंगाराम की 15 वर्षीय पुत्री सोनी को बुखार के चलते इलाज को कसगंजा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव पहुंचकर बांटी दवाएं
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूप सिंह, अजीतपुर बिल्हा आदि गांवों में पहुंचकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं बांटी।
वायरल फीवर से हुई बच्ची की मौत
बच्ची को दो दिन पूर्व अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची को काफी तेज बुखार था। जांच में वायरल फीवर होने की पुष्टि हुई थी। बच्ची की मौत दिमागी बुखार से होने की बात निराधार है।
डॉ. आरसी शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक