पीलीभीत। दहेज हत्या के मामले में सुनवाई के बाद पति समेत तीन को 10 साल की सजा दी गई है। वर्ष 2020 के मामले में विशेष न्यायाधीश त्वरित न्यायालय चंद्र मोहन मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना पूरनपुर नगर के लाइनपार साहूकारा में 18 मई 2020 को हुई थी। विवाहिता की मां उत्तराखंड के सितारगंज के वार्ड नंबर एक निवासी कांति देवी ने पूरनपुर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने अपनी पुत्री नीरू शर्मा का विवाह 30 नवंबर 2013 को रोहित शर्मा के साथ किया था।
हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया, लेकिन बेटी के ससुराल वाले उससे संतुष्ट थे। वह लोग एक लाख रुपये की मांग करते। मांग पूरी न होने पर पति के अलावा सास नत्थो देवी, ससुर रामचंद्र बेटी के साथ मारपीट करते। पुत्र के जन्म के बाद भी आरोपी हरकतों से बाज नहीं आए।
18 मई 2020 में शाम के समय आरोपियों ने विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में आरोप पत्र न्याय में दाखिल दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से विवाहिता की मां समेत कई गवाह न्याय में पेश किए गए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति, सास व ससुर को 10 साल की सजा सुनाई।