पीलीभीत। गैंगस्टर एक्ट के तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश/गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना ने प्रत्येक को आठ हजार रुपये जुर्माना सहित तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन के मुताबिक, थाना माधोटांडा के एसएचओ कोमल सिंह ने थाना माधोटांडा में सूचना दर्ज कराई कि वह 23 अप्रैल 2009 को पुलिस बल के साथ सरकारी गाड़ी से चुनाव के संबंध में क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी ग्राम मैनाकोट के वनरक्षक सियाराम व आसपास के लोगों ने बताया कि ग्राम मैनाकोट में गंगाराम का पुत्र कन्हई का एक संगठित गिरोह है। इसके गैंग के सदस्य जसवीर सिंह व थाना पूरनपुर के ग्राम छत्रपति शिवाजी के नोखेलाल हैं। यह मिलकर अपराध करते हैं। इसके अलावा जंगल में टाइगर की खाल व हड्डियां ले जाते हैं। अन्य अपराध करके भी अवैध रूप से धन अर्जित कर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।
27 जनवरी 2009 को इन लोगों ने वनरक्षक सियाराम को गालियां देते हुए 20 हजार रुपए मांगे। पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने पैरवी की। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। संवाद