अपराध रोकने को पुलिस कितनी एलर्ट है इसका नमूना जहानाबाद थाना क्षेत्र में हुई डकैती की घटनाओं को देखकर लगाया जा सकता है। चार गांव के पांच घरों में डकैती हुई थी लेकिन पुलिस को पहले दिन सिर्फ तीन गांव की ही जानकारी मिली। दूसरे दिन यानि बुधवार को समाचार पत्रों से जानकारी होने पर पुलिस ने गांव पहुंचकर घटना स्थल का मौका मुआयना किया। वहीं तीन दिन बाद भी पुलिस को खुलासे को कोई सुराग नहीं मिला है।
नौ/दस नवंबर की रात बदमाशों ने जहानाबाद थाना क्षेत्र के पांच गांव ऐमी, उमरसड़, कनाकोर, गहलुइया और अबूडांडी में धावा बोलकर नकदी जेवरात सहित करीब 17 लाख रुपये की लूटपाट की थी। इस दौरान बदमाशों ने महिलाओं सहित घर में मौजूद लोगों की पिटाई भी की थी, एक महिला को निर्वस्त्र कर पीटा था, लेकिन सुबह पुलिस को केवल चार गांव में ही डकैती की जानकारी मिली। एमी गांव के मोहम्मद नबी के घर पड़ी डकैती को पुलिस ने डकारने का प्रयास किया। अधिकारियों को भी सूचना नहीं दी, लेकिन दूसरे दिन समाचार पत्रों में गांव का नाम छपने पर जब अधिकारियों ने संज्ञान लिया तो पुलिस ने एमी गांव पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किया। यहां पुलिस ने पीड़ित परिवार से बातचीत करने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित मोहम्मद नबी ने बताया कि उसके घर बदमाशों ने करीब 4.5 लाख रुपये की लूटपाट की है।
उधर, घटना के खुलासे में जुटी पुलिस टीम तीन दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा सकी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन पुलिस को अभी उनसे कुछ हासिल नहीं हुआ है। इस बाबत जानकारी करने पर एसओ धनंजय सिंह ने बताया एमी के मोहम्मद नबी की तहरीर को भी अन्य गांव की रिपोर्ट में शामिल कर लिया गया है। घटना के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा।